ब्यावर

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ब्यावर मंडल की 190 ब्रांचों में 13 दिन से काम ठप

कमलेश चंद्र कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर करीब 2 सप्ताह से चल रही ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल का...

Dainik Bhaskar

Jun 05, 2018, 02:20 AM IST
ब्यावर मंडल की 190 ब्रांचों में 13 दिन से काम ठप
कमलेश चंद्र कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर करीब 2 सप्ताह से चल रही ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल का असर दिखने लगा है। ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल के कारण ग्रामीण डाक सेवा पूरी तरह पटरी से उतर गई है। पिछले 13 दिनों से चल रही हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्र में ना तो डाक बंट पा रही है और ना ही कोई लेनदेन हो पा रहा है ऐसे में ग्रामीणों को पेंशन भी नहीं मिल पा रही है। जिस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार ग्रामीण डाक सेवकों की दशा और कार्य को देखते हुए कमलेश चंद्र कमेटी ने ग्रामीण डाक सेवकों की वेतन वृद्धि समेत उनके सुधार की अन्य सुझाव दिए गए थे। समिति द्वारा रिपोर्ट पेश करने के बावजूद अभी तक इन पर कोई अमल नहीं किया गया है। इसी को लेकर ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन, नेशनल ग्रामीण डाक सेवक यूनियन, नेशनल फेडरेशन पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर ग्रामीण डाक सेवक पिछले 13 दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। उसके बाद भी सरकार ग्रामीण डाक विभाग की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। कमलेश चंद्र पे कमिशन कमेटी की रिपोर्ट लागू न की गई तो संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा। हड़ताल से लोगों को डाक घरों में किश्त भरना, लोगों की जरूरी डाक, पासपोर्ट, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, रोल नंबर, इंटरव्यू लेटर आदि कार्य रुके हुए हैं।

190 ब्रांच बिल्कुल बंद : गौलतलब है कि ब्यावर प्रधान डाकघर के अधीन 205 ब्रांच आती हैं। ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन के आह्वान पर इनमें से 190 ब्रांच पर हड़ताल का सीधा असर पड़ा है। इन ब्रांच के डाक सेवकों ने हड़ताल को पूर्ण रूप से समर्थन दिया है। जिस कारण इन क्षेत्रों के ग्रामीणों का हर काम अटका हुआ है। इसी कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि 15 ब्रांच पर कार्य चल रहा है लेकिन हड़ताल का असर इन 15 ब्रांच पर भी पड़ रहा है।

आर्टिकल पर नंबर है तो कर रहे हैं कॉल

डाकघर सहायक अधीक्षक विजय सिंह जैन ने बताया कि हालांकि डाक सेवकों की हड़ताल का सीधा असर ग्रामीण डाक सेवा पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण डाक डिलीवरी, रजिस्ट्री, पेंशन जैसे कार्य ठप पड़े हैं। अधिकतर मामलों में जिनमें किसी के इंटरव्यू, एग्जाम या अन्य जरूरी डाक हो और उन आर्टिकल पर किसी के मोबाइल नंबर हो तो उन्हें कॉल कर बुला कर उनके आर्टिकल दिए जा रहे हैं।

हड़ताल के कारण सूना पड़ा जवाजा डाकघर।

भास्कर न्यूज|ब्यावर/जवाजा

कमलेश चंद्र कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर करीब 2 सप्ताह से चल रही ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल का असर दिखने लगा है। ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल के कारण ग्रामीण डाक सेवा पूरी तरह पटरी से उतर गई है। पिछले 13 दिनों से चल रही हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्र में ना तो डाक बंट पा रही है और ना ही कोई लेनदेन हो पा रहा है ऐसे में ग्रामीणों को पेंशन भी नहीं मिल पा रही है। जिस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार ग्रामीण डाक सेवकों की दशा और कार्य को देखते हुए कमलेश चंद्र कमेटी ने ग्रामीण डाक सेवकों की वेतन वृद्धि समेत उनके सुधार की अन्य सुझाव दिए गए थे। समिति द्वारा रिपोर्ट पेश करने के बावजूद अभी तक इन पर कोई अमल नहीं किया गया है। इसी को लेकर ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन, नेशनल ग्रामीण डाक सेवक यूनियन, नेशनल फेडरेशन पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर ग्रामीण डाक सेवक पिछले 13 दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। उसके बाद भी सरकार ग्रामीण डाक विभाग की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। कमलेश चंद्र पे कमिशन कमेटी की रिपोर्ट लागू न की गई तो संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा। हड़ताल से लोगों को डाक घरों में किश्त भरना, लोगों की जरूरी डाक, पासपोर्ट, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, रोल नंबर, इंटरव्यू लेटर आदि कार्य रुके हुए हैं।

190 ब्रांच बिल्कुल बंद : गौलतलब है कि ब्यावर प्रधान डाकघर के अधीन 205 ब्रांच आती हैं। ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन के आह्वान पर इनमें से 190 ब्रांच पर हड़ताल का सीधा असर पड़ा है। इन ब्रांच के डाक सेवकों ने हड़ताल को पूर्ण रूप से समर्थन दिया है। जिस कारण इन क्षेत्रों के ग्रामीणों का हर काम अटका हुआ है। इसी कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि 15 ब्रांच पर कार्य चल रहा है लेकिन हड़ताल का असर इन 15 ब्रांच पर भी पड़ रहा है।

आर्टिकल पर नंबर है तो कर रहे हैं कॉल

डाकघर सहायक अधीक्षक विजय सिंह जैन ने बताया कि हालांकि डाक सेवकों की हड़ताल का सीधा असर ग्रामीण डाक सेवा पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण डाक डिलीवरी, रजिस्ट्री, पेंशन जैसे कार्य ठप पड़े हैं। अधिकतर मामलों में जिनमें किसी के इंटरव्यू, एग्जाम या अन्य जरूरी डाक हो और उन आर्टिकल पर किसी के मोबाइल नंबर हो तो उन्हें कॉल कर बुला कर उनके आर्टिकल दिए जा रहे हैं।

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