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अब स्टेट से बाहर जाकर भी रोडवेज बसों की चैकिंग कर सकेगा फ्लाइंग दस्ता

लम्बे रूट पर चलने में रुचि रखने वाले उन कंडक्टरों को अब निराशा हाथ लगने वाली है, जो यह सोच कर चल रहे थे कि लम्बे रूट...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 20, 2018, 02:20 AM IST

अब स्टेट से बाहर जाकर भी रोडवेज बसों की चैकिंग कर सकेगा फ्लाइंग दस्ता
लम्बे रूट पर चलने में रुचि रखने वाले उन कंडक्टरों को अब निराशा हाथ लगने वाली है, जो यह सोच कर चल रहे थे कि लम्बे रूट पर चलने में उनकी अधिक आमदनी होगी। इसके पीछे राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के हाल में जारी किए गए आदेश है, जहां निगम ने अब आगार की फ्लाइंग को अन्य राज्यों में जाकर बसों की चैकिंग करने के अधिकार दिए है।

आगार के अधिकारियों ने बताया कि रोडवेज बसों के अन्य राज्यों में संचालित हाेने के बाद भी यात्रीभार में कमी आने के साथ ही आय में बढ़ोत्तरी कर राजस्व रिसाव को रोकने के उद्देश्य से मुख्यालय ने यह आदेश दिए है। इस आदेश के बाद ब्यावर आगार की फ्लांइग अन्य राज्य में जाकार ब्यावर डिपो की बस के अतिरिक्त अन्य डिपो की बस की भी जांच कर सकेगी। आगार के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के तहत निगम के अन्तर्राज्यीय मार्गो पर संचालित सेवाओं का निरीक्षण कार्य बहुत कम होने के कारण राज्सव रिसाव की संभावना सबसे अधिक होती है। इसलिए यह आवश्यक समझा गया है कि राजस्व रिसाव को रोकने व यात्रीभार में वृद्धि करने के लिए मुख्यालय स्तर विभिन्न आगारीय व अन्तर्राज्यीय क्षेत्रों में निरीक्षण कार्यक्रम को करने के लिए गोपनीय टीमें गठित की जाएगी।

कैसे होगा निरीक्षण कार्य

ब्यावर आगार के निरीक्षण दल पर नजर डाली जाए तो कर्मचारियों के अभाव में स्थानीय स्तर पर ही बसों की चेंकिग में मुश्किल हो रही है। ऐसे में राज्य से बाहर संचालित होने वाली बसों की जांच करना परेशानी का सबब बनेगी। आगार के अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण दल में कर्मचारियों की कमी के कारण आगार के अन्य कर्मचारियों को लेकर बसों का निरीक्षण कार्य किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि यह हाल ब्यावर आगार का है प्रदेश के अन्य आगार में भी कर्मचारियों का टोटा है। आलम यह है कि आगार में निरीक्षण दल में सात पद स्वीकृत है। लेकिन महज एक कर्मचारी ही कार्यरत है। आगार में 4 पद अतिरिक्त यातायात निरीक्षक के स्वीकृत है। जिसमें मात्र 1 एटीआई कार्यरत है। वहीं यातायात प्रबंधक का एक और यातायात निरीक्षक के दो पद स्वीकृत है। लेकिन समस्त लम्बे समय से खाली चल रहे है। ऐसे में अन्तर्राज्यीय मार्गो पर संचालित बसों की चेंकिग करना मुश्किल नजर आ रहा है। इसी का नतीजा है कि आगार में निरक्षण दल में कर्मचारियों की कमी के कारण आगार के मुख्य प्रबंधक को फ्लाइंग में जाना पड़ता है। ब्यावर आगार में अन्य राज्य में केवल एक बस का संचालन हो रहा है। जो ब्यावर से बडौदा तक संचालित होती है।

इनका कहना है

मुख्यालय की ओर से आदेश प्राप्त हुए है, जहां अन्य राज्यों में भी अब जाकर आगार के अधिकारी अपने डिपों के साथ अन्य डिपों की बसों की भी जांच कर सकेंगे। इसका मुख्य मकसद राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की आय बढ़ाना है। रघुराज सिंह, मुख्य प्रबंधक, ब्यावर आगार

निरीक्षण दल को आगार स्तर करना होगा भुगतान

आगार के अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण दलों की ओर से विभिन्न आगारीय व अन्तर्राज्यीय क्षेत्रों में निरीक्षण कार्यक्रम के लिए अग्रिम राशि व विभिन्न मदो(टीए डीए) में प्राप्त देयकों का भुगतान संबंधित आगार स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए राजस्व शाखा में रजिस्टर रख किए जाने वाले निरीक्षण की जानकारी अंकित करनी होगी। मुख्यालय ने निरीक्षण दलों को अन्तर्राज्यीय क्षेत्रों में निरीक्षण करने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए निजी बस या ट्रेन से यात्रा करने की छूट दी है। इसके अतिरिक्त अन्तर्राज्यीय स्थान से गन्तव्य के लिए एक दिन के लिए टैक्सी या प्राईवेट वाहन किराये पर ली जा सकेगी। इसके लिए मुख्यालय ने 200 किमी निर्धारित किए है। जिसका भुगतान सबंधित आगार की ओर से किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग की ओर से सहमति भी दी जा चुकी है।

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