Hindi News »Rajasthan »Beawar» घर बैठे जान सकेंगे लाइब्रेरी में कॉलेज पुस्तकों का स्टेटस

घर बैठे जान सकेंगे लाइब्रेरी में कॉलेज पुस्तकों का स्टेटस

एसडी कॉलेज लाइब्रेरी होगी डिजिटल भास्कर न्यूज|ब्यावर एसडी कॉलेज के विद्यार्थियों को अब किसी पुस्तक के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 31, 2018, 02:20 AM IST

घर बैठे जान सकेंगे लाइब्रेरी में कॉलेज पुस्तकों का स्टेटस
एसडी कॉलेज लाइब्रेरी होगी डिजिटल

भास्कर न्यूज|ब्यावर

एसडी कॉलेज के विद्यार्थियों को अब किसी पुस्तक के लिए बार-बार लाइब्रेरी जाकर उसे ढूंढने की जरूरत नहीं रहेगी। वह अपने मोबाइल पर ही कॉलेज की वेबसाइट पर क्लिक कर लाइब्रेरी में पुस्तक की उपलब्धता की जानकारी ले सकेगा। यह इसलिए संभव हो पाएगा कि एसडी कॉलेज महाविद्यालय की लाइब्रेरी को अब आॅनलाइन किया जा रहा है। लाइब्रेरी को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया चालू हाे गई है। महाविद्यालय की 22 हजार 319 किताबों का ऑटोमेशन किया जा चुका है। शेष करीब 89 हजार पुस्तकों का डाटा अगले माह तक फीड किया जाने का लक्ष्य रखा गया है।

महाविद्यालय लाईब्रेरी को ऑनलाइन किए जाने के तहत उपलब्ध पुस्तकों पर बार कोड लगाए जा रहे हैं ताकि संबंधित पुस्तक की जानकारी बॉर कोड के जरिए मिल सकें। ऑटोमेशन के बाद कोई भी विद्यार्थी महाविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर महाविद्यालय लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तक के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा और इस बात का पता लगा सकेगा कि महाविद्यालय में कौन-कौन सी पुस्तकें उपलब्ध हैं। पूर्व में विद्यार्थियों को विषय संबंधित पुस्तक के ढूंढने के लिए रजिस्टर या फिर अलमारियों काे खंगालना पड़ता था और इश्यू रजिस्टर के माध्यम से जानकारी लेनी पड़ती थी कि अमुक पुस्तक किस के नाम इश्यू हो रखी है और वह पुस्तक पुन: जमा हुई या फिर नहीं? इन सब समस्याओं से अब विद्यार्थियों को निजात मिलने जा रही है। घर बैठे-बैठे ही विद्यार्थी लाईब्रेरी की पुस्तकों संबंधी जानकारी एक क्लिक पर ले सकेगा।

स्टाफ की कमी बनी बाधा : कॉलेज की पुस्तकालय में कुल 1 लाख 12 हजार किताबें है। इनमें से अब तक 22 हजार 389 किताबों में डाटा फीडिंग व बार कोडिंग का कार्य किया जा चुका है। यह कार्य 8 लाख रुपए के बजट से किया जा रहा है। जहां एक माह में अब भी 89 हजार 611 किताबों को ऑटोमेशन किया जाना है। जबकि पुस्तकालय में केवल पुस्तकालयाध्यक्ष ही कार्यरत है। वहीं एक सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष सहित 3 बुक लिफ्टर के पद रिक्त चल रहे है। इससे लाइब्रेरी का समस्त कार्य एक कर्मचारी पर ही है। इसी कारण कार्य को पूर्ण करवाने के लिए दो संविदा कर्मचारियों को कॉलेज पुस्तकालय में लगाया गया है।

घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे जानकारी

कॉलेज पुस्तकालय की किताबों को ऑटोमेशन करने के बाद कॉलेज का विद्यार्थी कॉलेज की वेबसाइट खोल कर पुस्तक का टाईटल, लेखक का नाम अंकित कर ऑनलाइन घर बैठकर की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इसके अतिरिक्त किताब पुस्तकालय के किस रेक में रखी हुई है, वह भी पता कर सकेगा। इसके पहले अजमेर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान कॉलेज, सावित्री गर्ल्स कॉलेज, किश्नगढ, नसीराबाद, जैतारण, श्रीगंगानगर, सूरतगढ आदि राजकीय कॉलेज के पुस्तकालय ऑटोमेशन हो चुके है। कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि निदेशालय प्रदेश के सभी कॉलेज की लाइब्रेरी को ऑटोमेशन करने की कवायद में जुटा हुआ है। जिसके बाद निदेशालय की ओर से नेटवर्क डवलप किया जाएगा। इसके बाद सभी कॉलेज के पुस्तकालय ऑनलाइन हो जाएगें, जहां निदेशालय में बैठे अधिकारी किसी भी कॉलेज की किताबों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

कॉलेज की लाइब्रेरी में रखी किताबों को ऑटोमेशन करने का कार्य किया जा रहा है। जहां अब तक 22 हजार से अधिक किताबों की डाटा फीडिंग व बार कोडिंग की जा चुकी है। सभी किताबों में भी यह कार्य शीघ्र कर दिया जाएगा। इसके बाद कॉलेज का कोई भी विद्यार्थी अपने घर से ही पुस्तकालय में रखी किताब की जानकारी लेने के लिए लेखक का नाम, पुस्तक का टाइटल अंकित कर जानकारी प्राप्त करने के साथ किताब किस रैक में रखी है। उसकी जानकारी प्राप्त कर सकेगा। अशोक कुमार टेलर,पुस्तकालयाध्यक्ष,एसडी कॉलेज,ब्यावर

एसडी कॉलेज की पुस्तकों की होगी डाटा फीडिंग व बार कोडिंग, 89 हलार पुस्तकों की फीडिंग बाकी

ब्यावर के सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय स्थित पुस्तकालय में ऑटोमेशन के जरिए पुस्तकें देखते पुस्तकालयध्यक्ष।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Beawar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×