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बिचड़ली तालाब में जलकुंभी हटाने उतरी डिविडिंग मशीन

बिचड़ली तालाब में बरसों से फैले जलकुंभी के जाल को हटाने के लिए नगर परिषद प्रशासन की ओर से बुधवार को तालाब में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 31, 2018, 02:20 AM IST

बिचड़ली तालाब में जलकुंभी हटाने उतरी डिविडिंग मशीन
बिचड़ली तालाब में बरसों से फैले जलकुंभी के जाल को हटाने के लिए नगर परिषद प्रशासन की ओर से बुधवार को तालाब में डिविडिंग मशीन उतारी गई। जिसे अजमेर नगर निगम से 15 दिन के लिए किराए पर मंगाया गया है। परिषद प्रशासन ने कहा कि तालाब से पूरी तरह जलकुंभी के जाल को हटाया जाएगा।

सभापति बबीता चौहान ने बताया कि जलकुंभी को हटाने के लिए हाल ही में अजमेर नगर निगम की ओर से मुंबई से खरीदी गई डिविडिंग मशीन को यहां मंगाया गया है। इसके लिए निगम को 15 दिन के किराए और मशीन मेंटीनेंस के रूप में 5.99 लाख रुपए दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि तालाब को जलकुंभी के जाल से पूरी तरह मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए परिषद प्रशासन की टीम भी पूरी तैयारी के साथ जुटेगी। डिविडिंग मशीन बिचड़ली तालाब पहुंची। जिसे सभापति बबीता चौहान, आयुक्त सुखराम खोखर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में तालाब में उतारा गया। जो बुधवार से ही अपने काम में जुट गई। मशीन लगातार 15 दिन तक तालाब से जलकुंभी हटाने का काम करेगी। मालूम हो कि नगर परिषद ने वर्ष 2012 में फैले जलकुंभी के जाल को तोड़ने के लिए कोलकाता से करीब डेढ़ लाख ग्रास कॉर्प मछलियां मंगवाकर उन्हें तालाब में छोड़ा था। इसके बाद भी जब इस समस्या से निजात नहीं मिली तो हर साल इसे हटाने के नाम पर टेंडर जारी होकर बिल तो उठते गए मगर इसके फैलते जाल में कोई कमी नहीं आई। इस दौरान नगर परिषद सभापति बबीता चौहान, उपसभापति सुनील मूंदडा, नगर परिषद आयुक्त सुखराम खोखर, पार्षद अंगदराम अजमेरा, नरेश कनोजिया, ईश्वर तंवर, विनोद खाटवा, राधेश्याम प्रजापति, मोतीलाल सांख्रला, देवेन्द्र सेन, लेखराज कंवरिया, नरेन्द्र चौहान, परिषद के रतनसिंह पंवार तथा भानुप्रताप आदि मौजूद थे।

ब्यावर. बिचड़ली तालाब में जलकुंभी हटाने के लिए बुधवार को उतरी डिविडिंग मशीन।

रोजाना 20 टन जलकुंभी हटाएगी मशीन

अजमेर नगर निगम की ओर से मुंबई से इसी साल मार्च में 1.33 करोड़ में खरीदी गई यह मशीन प्रतिदिन करीब 20 टन तक जलकुंभी हटा सकती है। मशीन डेढ़ से दो मीटर गहराई तक की जलीय घास को काट सकती है। इसकी रफ्तार 20 किलोमीटर प्रतिघंटा है। । इसे ऑपरेट करने के लिए निगम की ओर से ही कर्मचारी भी उपलब्ध कराए गए हैं।

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