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तीन माह में सीट से हटाना था, साल भर से टिके हैं

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से जारी आदेश ब्यावर आगार पर बेअसर साबित हो रहे हैं। मुख्यालय के आदेशों को भी...

Dainik Bhaskar

Jun 08, 2018, 02:20 AM IST
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से जारी आदेश ब्यावर आगार पर बेअसर साबित हो रहे हैं। मुख्यालय के आदेशों को भी ब्यावर आगार के अधिकारी ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि आगार में तीन माह से अधिक समय तक कर्मचारी ना सिर्फ एक पद पर ही कार्यरत हैं बल्कि कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर उन्हें ही लगातार रूट पर चैकिंग के लिए भेजा जा रहा है। ड्यूटी चार्ट बनाने का कार्य भी महीनों से एक ही कर्मचारी के जिम्मे है।

आगार के कर्मचारियों ने बताया कि मुख्यालय ने आदेश जारी कर प्रदेश के सभी आगार में लम्बे समय से एक पद पर कार्यरत कर्मचारियों की समय सीमा तीन माह तक तय की थी। जिसका मुख्य उद्देश्य एक पद कापर र्यरत कर्मचारियों की मनमानी और अवैध वसूली पर रोक लगाना था।

ब्यावर आगार में कर्मचारियों की कमी से प्रशासन को मिला आदेश की अवहेलना का बहाना

ब्यावर आगार में राजस्व चोरी को रोकने के लिए बसों की चैकिंग के लिए उड़न दस्ता टीम का गठन किया हुआ है। जहां मुख्यालय के स्पष्ट आदेश है कि इस टीम में मुख्य प्रबंधक को छोड कर कोई कर्मचारी तीन माह से अधिक समय तक नहीं रह सकता है। इसके बावजूद उड़न दस्ता वाहन में चालक के रूप में रामचन्द्र कार्यरत है। कर्मचारियों ने बताया कि यह चालक एक साल से अधिक समय से कार्यरत है। जबकि अन्य चालकों को कार्य नहीं होने का हवाला देकर परिचालक का कार्य करवाया जा रहा है।

परिचालकों की ड्यूटी चार्ट बनाने में कर्मचारी उमाकांत द्विवेदी कार्यरत है। ड्यूटी चार्ट बनाने वाले कर्मचारी की मनमानी को रोकने के लिए तीन माह तक ही कार्य करवाने के आदेश हैं लेकिन अधिकारियों की मेहरबानी के कारण तीन माह का समय पूरा होने के बावजूद अब तक ड्यूटी चार्ट बनाने का कार्य कर रहा है।संगठन के पदाधिकारियों ने विरोध कर उन्हें हटाने की मांग की थी। लेकिन मुख्य प्रबंधक की ओर से अब तक इन्हें नहीं हटाया गया है।

केस 1

केस 2


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