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चार लाख की आबादी, केस सबसे ज्यादा, कैसे हाेगी जांच

गृह मंत्रालय और पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार एक थाने में सालाना 500 केस ही दर्ज होने चाहिए। लेकिन शहर थाने में गत...

Dainik Bhaskar

Jun 08, 2018, 02:20 AM IST
चार लाख की आबादी, केस सबसे ज्यादा, कैसे हाेगी जांच
गृह मंत्रालय और पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार एक थाने में सालाना 500 केस ही दर्ज होने चाहिए। लेकिन शहर थाने में गत वर्ष 800 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। यानि प्रतिदिन 2 से 3 मामले। सर्किल के थानों में शहर थाना में सबसे अधिक मामले दर्ज होते हैं। वहीं शहर थाने में कुल 8 अफसर हैं। यानि 1 थाना प्रभारी, 5 सब इंस्पेक्टर, 3 एएसआई और किसी मामले की जांच सिर्फ अधिकारी ही करते हैं। ऐसे में हर अधिकारी पर प्रतिवर्ष 119 केस की जांच करनी पड़ रही है। मतलब एक आईओ को किसी भी मामले की जांच के लिए मात्र 3 दिन का समय मिलता है। इन्हीं आईओ से डीओ ड्यूटी, नाइट गश्त, लॉ एंड ऑर्डर, वीआईपी ड्यूटी, कोर्ट पेशियां के साथ ही थानों के अन्य छोटे मोटे काम भी करने होते हैं। शहर थाना क्षेत्र में 6 चौकियां रेल चौकी, चांगगेट चौकी, साकेत नगर, कसाबान मोहल्ला, सूरजपोल गेट, मेवाडी गेट और एक अस्थाई अमृतकौर पुलिस चौकी भी है। मामलों की संख्या ज्यादा होने और आईओ की कमी के कारण पिछले साल भी शहर थाने में करीब 200 मामले पेंडिंग रह गए। इस कारण पुलिस विभाग द्वारा सालों से शहर में दूसरे थाने की जरूरत बताई जा रही है। लेकिन लंबे अर्से से शहर में थाने की मांग और जरूरत को नजर अंदाज किया जा रहा है।

इस कारण महसूस हो रही नए थाने की जरूरत

वर्तमान में शहर थाने की आबादी बहुत अधिक (करीब 4 लाख) होने और शहर का 13 किलोमीटर के दायरे में विस्तार हो चुका है। साल 2008 में राज्य सरकार द्वारा थाना ब्यावर सदर का नगर पालिका एरिया तोडकर शहर में शामिल कर दिया गया। शहर का एकमात्र थाना होने के कारण कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही अपराधों पर रोकथाम लगाने में परेशानी आने लगी। सदर थाने के शहर से दूर जाने के कारण सदर थाने के कुछ गांवों को शहर थाने में शामिल कर लिया गया। इस कारण लंबे समय से शहर में एक नए थाने की मांग उठ रही है।

ये है शहर थाने की स्थिति

शहर थाने में कुल 110 बीटों में 3 लाख 96 हजार 350 की जनसंख्या है। इसमें हाइवे के अंदर आने वाले गांवों के साथ ही कुछ ग्रामीण क्षेत्र सेदरिया और रिको भी शामिल है। शहर थाने में रेलवे लाइन के साथ ही कई फैक्ट्रियां भी आती है। थाने में 1 सब इंस्पेक्टर, 5 एएसआई, 6 हेड कांस्टेबल और 39 कांस्टेबल है।

थाना प्रभारी तक का पद रिक्त

जिले के सबसे संवेदनशील थानों में शामिल होने के बावजूद शहर थाने में थाना प्रभारी का पद पिछले करीब 1 माह से रिक्त चल रहा है। हालांकि तबादला होने के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी यशवंत सिंह करीब 10 दिन पूर्व यहां से रिलीव हो गए। सांप्रदायिक स्थिति के साथ ही शहर में लूट और चैन स्नेचिंग जैसे मामलों के साथ ही अन्य आपराधिक वारदातों की संख्या अधिक होने के बावजूद शहर थाना प्रभारी का पद रिक्त रहने को लेकर शहर में लोगों के बीच चर्चाएं भी हैं।

सर्किल के टॉडगढ़ थाने में 100 से भी कम केस

ब्यावर सर्किल में जवाजा, मसूदा, शहर, सदर और टॉडगढ़ थाना पड़ता है। इनमें सबसे कम केस टॉडगढ़ थाने में दर्ज किए जाते हैं। पिछले साल 2017 में पूरे वर्ष में टॉडगढ थाने में मात्र 96 मामले ही दर्ज किए गए।

जनसंख्या और केस के हिसाब से दो थानों की दरकार

1. शहर की जनसंख्या 3 लाख 96 हजार से अधिक इस लिहाज से दो थाने आवश्यक।

2. शहर थाने में पिछले कुछ सालों से प्रतिवर्ष 500 से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं इन लिहाज से भी दूसरे थाने की दरकार।

इनका कहना है…


फैक्ट फाइल

वर्ष दर्ज मामले

2010 587

2011 557

2012 610

2013 751

2014 947

2015 878

2016 878

2017 827

2018 जून 6 तक 392

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