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क्वालिटी एश्योरेंस के लिए अमृतकौर अस्पताल को मिला मेंटर

सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का स्तर सुधारने और सुविधाओं के लिए मरीजों को एश्योर करने के मकसद से...

Danik Bhaskar | Jun 12, 2018, 02:20 AM IST
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का स्तर सुधारने और सुविधाओं के लिए मरीजों को एश्योर करने के मकसद से केंद्र स्तर पर प्रारंभ की गई क्वालिटी एश्योरेंस योजना के तहत एकेएच सहित प्रदेश के चार जिला अस्पतालों के मेंटर नागौर जिला अस्पताल के हेल्थ मैनेजर डॉ. पलास नियुक्त किए गए हैं।

डॉ. पलास हर तीन माह में इन अस्पतालों को परामर्श के साथ ही उनका मूल्यांकन भी करेंगे। एकेएच के अलावा चित्तौड़गढ़, हनुमानगढ़ और बांसवाड़ा के जिला अस्पतालों का चयन किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर असेसमेंट किए जाने से पूर्व इन जिला अस्पतालों की राज्य स्तर पर रिपोर्टिंग की जाएगी।

अगले वर्ष होगा असेसमेंट

पीएमओ डॉ. एमके जैन ने बताया कि क्वालिटी एश्योरेंस के लिए नेशनल स्तर के लिए अगले वर्ष असेसमेंट किया जाना है। पहले राज्य स्तर पर प्रति तिमाही रिपोर्ट जाएगी। उसके बाद नेशनल टीम आकर अस्पतालों में मिल रही सुविधाओं के आधार पर अंकों का निर्धारण करेगी।नेशनल स्तर पर चयन के बाद अस्पताल को प्रति बेड 10 हजार की प्रोत्साहन राशि मिलेगी और नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सार्टिफिकेट भी दिया जाएगा। गौरतलब है कि अमृतकौर अस्पताल 305 बेडेड का अस्पताल है। ऐसे में एकेएच को 30 लाख 50 हजार का नकद पुरस्कार मिल सकता है और अगर अस्पताल इलाज के साथ साथ ही मरीजों को अच्छा वातावरण देता रहा तो तीन साल तक लगातार यह राशि मिलेगी। जिससे अस्पताल की सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा।

सराधना पीएचसी का भी चयन : क्वालिटी एश्योरेंस योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर भी लोगों को क्वालिटी चिकित्सा उपलब्ध करवाने के मकसद से पीएचसी का भी क्वालिटी एश्योरेंस के तहत चयन किया जा रहा है। सिर्फ जिले में एक मात्र सराधना पीएचसी का चयन योजना के तहत किया गया है। डॉ. पलास सराधना पीएचसी की भी मेंटरिंग कर उसे राष्ट्रीय स्तर पर चयनित करवाएंगे।

कड़े इम्तिहान से गुजरना होगा

पीएमओ डॉ. जैन ने बताया कि हालांकि आंतरिक मूल्यांकन में एकेएच को 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिले हैं। जिला स्तर और उसके बाद राज्य स्तर की टीम आकलन करेगी। नेशनल स्तर की टीम अस्पताल में कड़े इम्तिहान में परखने के बाद ही मार्किंग करेगी।

प्रदेश में सिर्फ राजसमंद का चयन : गौरतलब है कि क्वालिटी एश्योरेंस योजना को प्रारंभ हुए तीन साल होने को हैं। इस दौरान प्रदेश में सिर्फ राजसमंद के आरके जिला अस्पताल का ही चयन क्वालिटी एश्योरेंस योजना के तहत सार्टिफिकेट और पुरस्कार के लिए हो सका है। चित्तौड़गढ़ का राजकीय अस्पताल भी अंतिम दौर तक पहुंचने में सफल रहा लेकिन उसका चयन नहीं हो सका। अब इस दौड़ में चित्तौड़गढ़ के साथ ही अमृतकौर अस्पताल भी शामिल हो गया है।

इन बिंदुओं पर उतरना होगा खरा: योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 12 बिंदु तय किए गए हैं। इसके तहत सबसे ऊपर लेबर रूम, नवजात शिशु उपचार इकाई (एफबीएनसी), ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाती है। इसके बाद डॉक्टरों की उपस्थिति, आउटडोर, वार्ड, दवाओं की उपलब्धता, जांच, लैब में संक्रमण से निपटने के इंतजाम जैसे बिंदु मुख्य है। इस योजना की खास बात ये है कि इसमें मरीजों की संख्या के अनुपात में डॉक्टरों की संख्या, प्रशिक्षित नर्सिंगकर्मियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

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