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मोबाइल एप से रखेंगे दवाओं के रिएक्शन पर नजर

दवाओं के साइड इफेक्ट से शरीर को नुकसान होने के साथ ही जान तक जाने का खतरा रहता है। इसलिए दवाओं के प्रभाव के साथ ही...

Bhaskar News Network| Last Modified - May 20, 2018, 02:25 AM IST

मोबाइल एप से रखेंगे दवाओं के रिएक्शन पर नजर
मोबाइल एप से रखेंगे दवाओं के रिएक्शन पर नजर
दवाओं के साइड इफेक्ट से शरीर को नुकसान होने के साथ ही जान तक जाने का खतरा रहता है। इसलिए दवाओं के प्रभाव के साथ ही उनके दुष्प्रभाव की जांच भी बेहद जरूरी है। संभव है कि अगर ऐसी दवाएं बाजार में रही तो दूसरे मरीज भी इसके शिकार हो हो सकते हैं। एेसी ही दवाओं की शिकायत के लिए भारत सरकार द्वारा एडीआर रिपोर्टिंग एप लॉन्च किया गया है। सिर्फ एक क्लिक में शिकायत एडवर्ड ड्रग्स रिएक्शन मॉनिटरिंग सेंटर को भेजी जा सकती है। जिले का एडीआर सेंटर अजमेर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में स्थापित किया गया है।

सर्दी, खांसी, बुखार, खुजली, अस्थमा या किसी और बीमारी की दवा खाने के बाद भी अगर आप ठीक नहीं हो रहे हैं या फिर दवा खाने के बाद के बाद शरीर पर लाल चकते बन रहे हैं एवं खुजली हो रही है। इस दोनों ही स्थितियों को नजर अंदाज नहीं करें। इलाज के दौरान अगर ये स्थितियां बन रही तो इसका क्या कारण है और दवा में मौजूद किस साल्ट की वजह से ऐसा हो रहा है इन कारणों की सटीक जानकारी हासिल करने के लिए जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर में एडवर्ड ड्रग्स रिएक्शन मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित किया गया है। अजमेर में सेंटर इंचार्ज डॉ. सुनील माथुर हैं और जिले के अन्य अस्पतालों में कॉर्डिनेशन के लिए इनके प्रतिनिधि सौरभ कुमार जैन को बनाया गया है।

दवाओं के रिएक्शन संबंधित जानकारी के लिए तैयार मोबाइल एप।

डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों को मिले निर्देश

एडवर्ड ड्रग्स रिएक्शन मॉनिटरिंग सेंटर के तहत जिले के अन्य अस्पतालों के साथ ही राजकीय अमृतकौर अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों जिसमें मेडिसिन प्रभारी डॉ. प्रमोद सक्सेना समेत नर्सिंग कर्मी और फार्मासिस्ट को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसी काे लेकर गुरुवार को सेंटर के प्रतिनिधि ने ब्यावर एकेएच पहुंचकर डॉक्टर प्रमोद सक्सेना और नर्सिंग कर्मियों से मुलाकात कर उन्हें दवा रिएक्शन संबंधित प्रफॉर्मा दिया है।

जानिए एडीआर रिपोर्टिंग के फायदे

डॉक्टरों के अनुसार रिएक्शन रिपोर्टिंग करने वाले मरीजों को एक एडीआर कार्ड दिया जाएगा। इसमें मरीज की आवश्यक डिटेल समेत दवा के ब्रांड नाम, जैनरिक नाम, मैन्यूफैक्चिरिंग डेट, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और दवा को यूज करने की दिनांक समेत उस दवा से मरीज को क्या साइड इफेक्ट हुआ जैसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होगी। इसे मरीज अपने पास रखेगा। ताकि आने वाले समय में यदि वह किसी इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाता है तो उस कार्ड को दिखाए जिससे उसी दवा के सेवन से होले वाले रिएक्शन से उसका बचाव हो सके।

तुरंत करनी होगी रिपोर्टिंग

एडवर्ड ड्रग्स रिएक्शन मॉनिटरिंग सेंटर के प्रतिनिधि सौरभ जैन गत दिनों ब्यावर आए और उन्होंने नर्सिंग कर्मियों को निर्देश दिए कि दवा के रिएक्शन की जानकारी तुरंत सेंटर के टोल फ्री 18000 180 3024 पर कॉल कर दे।

ऐसे करें ऑनलाइन शिकायत : अपने एंड्राइड मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर एडीआर रिपोर्टिंग एप को लोड करें। इसे लोड करने के बाद एक फॉर्म ओपन होगा, जिसमें दवा के बारे में जानकारी मांगी जाएगी इसे भरकर भेजा जा सकता है।

फार्माक्लॉजी डिपार्टमेंट डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर दवाओं के साइड इफेक्ट को लेकर प्रोग्राम पर कार्य कर रहा है। अजमेर जेएलएन मेडिकल कॉलेज और ब्यावर एकेएच में इसके तहत कार्य शुरू किया जाएगा। दवाओं के साइड इफेक्ट को लेकर फार्माक्लोजी डिपार्टमेंट के प्रतिनिधि ब्यावर एकेएच के डॉक्टरों को प्रजेंटेशन देंगे। दवाओं के साइड इफेक्ट को लेकर ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। ” डॉ. एमके जैन, पीएमओ एकेएच ब्यावर

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