ब्यावर

--Advertisement--

‘संतोष के धनी थे सुदामा’

ब्यावर | स्थानीय द्वारकाधीश गार्डन में आयोजित किए जा रहे श्रीमद् भागवत कथा के सांतवे दिन मौजूद श्रद्धालुओं को...

Dainik Bhaskar

May 30, 2018, 02:25 AM IST
ब्यावर | स्थानीय द्वारकाधीश गार्डन में आयोजित किए जा रहे श्रीमद् भागवत कथा के सांतवे दिन मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘आज हम लोग एकाकी जीवन जीने के अभ्यस्त हो गए हैं हम समाज से कटते जा रहे हैं, प्राचीन विरासत को छोड़कर दो कमरों में रहने तरक्की का एकमात्र सेतु समझ बैठे हैं। उन्होने कहा कि अगर हमारे पास कोई कीमती वस्तु है तो उसे राजकोष को प्रदान कर देना चाहिए। क्योंकि उस वस्तु का वह लोग उपयोग लोकहित में कर सकते हैं। सुदामा के चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होने कहा कि सुदामा दरिद्र नहीं थे वह तो परम संतोषी थे। ब्राह्मण कभी याचना नहीं करते जो याचना करे वह ब्राह्मण नहीं है। ब्राह्मण दान तो ले सकते हैं मगर भीख नहीं ले सकता।

X
Click to listen..