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जमीन सिवायचक, फिर भी कॉलोनी में शामिल मान पास किया लेआउट!

राजेश कुमार शर्मा| ब्यावर नगर परिषद सीमा क्षेत्र में एक कॉलोनी में सरकारी सिवायचक जमीन को भी शामिल मानकर उसके...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 02:25 AM IST

जमीन सिवायचक, फिर भी कॉलोनी में शामिल मान पास किया लेआउट!
राजेश कुमार शर्मा| ब्यावर

नगर परिषद सीमा क्षेत्र में एक कॉलोनी में सरकारी सिवायचक जमीन को भी शामिल मानकर उसके लेआउट को पास कर दिया गया। जब अनियमितता की पोल खुली तो 5 साल बाद भी नगर परिषद इस गलती को सुधारने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। इस मामले में एक बार फिर उसने मौका-रिपोर्ट मांग ली।

जानकारी के अनुसार उदयपुर बाइपास के समीप स्थित सरस्वती कॉलोनी बसी है। आरोप है कि इस कॉलोनी का लेआउट तो पास कर दिया गया मगर इसके लेआउट में कुछ जमीन सरकारी सिवायचक भी शामिल हो गई। इस संबंध में जब शिकायत हुई तो नगर परिषद प्रशासन हो या फिर नगर नियोजन कार्यालय एक-दूसरे के पाले में गेंद डालने लगे। आलम यह है कि शिकायत मिलने के 5 साल बाद भी इस संबंध में नगर परिषद प्रशासन कोई पुख्ता कार्यवाही नहीं कर सकी है। जबकि लेआउट पास करने से पहले नगर परिषद प्रशासन और नगर नियोजन कार्यालय अपने-अपने स्तर पर मौका-जांच करते हैं।

5 साल पहले मामला सामने आने के बाद भी अब तक नहीं उठाया कोई कदम, पटवारी की मौका रिपोर्ट को नजरंंदाज कर नियमविरुद्ध कर दिया गया कॉलोनी का लेआउट पास

शिकायत हुई तो कार्यवाही करने के बजाय एक बार फिर परिषद ने मांगी मौका-रिपोर्ट

विवादित जमीन की जमाबंदी जिसमें सरकारी जमीन अंकित है।

लेआउट पास होने से पहले ही तहसील ने दी थी मौका-रिपोर्ट

लेआउट पास करने से पहले नगर नियोजन कार्यालय ने भी इस संबंध में तहसील से मौका-रिपोर्ट मांगी थी। ऐसे में 4 फरवरी को पटवारी ने अपनी मौका-रिपोर्ट में माना कि संबंधित लेआउट में 6 बिस्वा जमीन सरकारी सिवायचक भी शामिल है। इसके बाद भी उस रिपोर्ट को नजरअंदाज कर लेआउट को पास कर दिया गया। जब लेआउट पास हुआ तब इस सिवायचक जमीन पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की नजर क्यों नहीं पड़ी। अब जब शिकायत हुई और अनियमितता का पता चला तो हर कोई इस मामले में चुप्पी साधे है।

प्रकरण पर एक नजर...

तहसील ने मौका-रिपोर्ट दी 4 फरवरी 2013 को।

नगर नियोजक कार्यालय ने लेआउट पास किया 13 फरवरी 2013 को।

नगर परिषद और डीडीआर अजमेर को शिकायत की गई - 14 अक्टूबर 2016 को ।

आरोप लगे कि नयानगर खसरा नंबर 1843/1 में 6 बिस्वा सरकारी जमीन है, इसे भी लेआउट में शामिल कर लिया गया।

दूसरी बार शिकायत हुई 13 जनवरी 2017 को

इसके बाद 18 दिसंबर 2017 को नगर परिषद ने अपनी रिपोर्ट में माना कि लेआउट में सरकारी सिवायचक जमीन शामिल है।

जेईएन, पटवारी और गिरदावर की रिपोर्ट में भी स्पष्ट है कि 6 बिस्वा जमीन सरकारी सिवायचक शामिल है।

इसके बाद भी नगर परिषद प्रशासन ने कार्यवाही करने के बजाय अपनी गलती छिपाने के लिए एक बार फिर अब मौका-रिपोर्ट मांग ली।

तब से अब तक मौका-रिपोर्ट नहीं मिलने की आड़ में कोई कार्यवाही नहीं हुई।

ऐसी कोई फाइल मेरे पास नहीं आई है और न ही मेरे समय में ऐसा कोई लेआउट पास हुआ है। मगर जब लेआउट पास हुआ तो उससे पहले सिवायचक जमीन संबंधी रिपोर्ट तहसील ने भी तो दी होगी फिर किस आधार पर लेआउट पास हुआ होगा। नितिन मीणा, सहायक नगर नियोजक नगर परिषद

ऐसी कोई शिकायत मिली है तो उस पर क्या कार्यवाही हुई इसकी जानकारी ली जाएगी। सुखराम खोखर, आयुक्त

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Web Title: जमीन सिवायचक, फिर भी कॉलोनी में शामिल मान पास किया लेआउट!
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