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अभद्रता के आरोप पर कांग्रेस का अनशन अफसर के बयान पर समाप्त

परिषद आयुक्त पर लगाया था आरोप भास्कर न्यूज| ब्यावर नेता प्रतिपक्ष द्वारा चार दिन पहले सड़कों पर खोदे गए...

Danik Bhaskar | Jun 05, 2018, 02:25 AM IST
परिषद आयुक्त पर लगाया था आरोप

भास्कर न्यूज| ब्यावर

नेता प्रतिपक्ष द्वारा चार दिन पहले सड़कों पर खोदे गए गड्ढों के मामले में जानकारी मांगने पर कथित रूप से उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं देने और अभद्र व्यवहार करने वाले अधिकारी के आखिरकार नरम पड़ने पर मामला शांत हुआ। पांच दिन पहले उपजे विवाद के बाद कांग्रेस के 3 घंटे के प्रदर्शन और बाद में ब्लॉक के आमरण अनशन की चेतावनी पर आखिरकार कार्यवाहक उपखंड अधिकारी को बाहर आकर बोलना पड़ा कि वे जनता के सेवक हैं।

यह था मामला

अजमेर रोड स्थित दादीधाम के समीप हाईमास्ट लाईट के खोदे गए गड्ढे में 31 मई की रात बाइक सवार दो लोग गिरकर घायल हो गए थे। नेता प्रतिपक्ष दलपतराज मेवाड़ा ने हाइमास्ट लाइट के लिए खोदे गए गड्ढे के बारे में जानकारी चाही थी। आरोप है कि खोखर ने नेता प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब देने की बजाय उन्हें अपने काम से मतलब रखने की बात कहते हुए कहा कि उन्होंने थोड़े ही कोई गड्ढा खोदा। आयुक्त के इस बर्ताव पर दलपत मेवाड़ा आदि ने विरोध शुरू कर दिया।

ब्लॉक अध्यक्ष अजय शर्मा से मुलाकात करते कार्यवाहक उपखंड अधिकारी खोखर।

नेता प्रतिपक्ष दलपत सिंह मेवाड़ा से बदसुलूकी को लेकर पांच दिन से चल रहा था विवाद, उपखंड अधिकारी ने बाहर कहा वे जनता के सेवक हैं

कांग्रेस ने शुरू किया धरना-प्रदर्शन

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय शर्मा के नेतृत्व में सोमवार को कार्यकर्ता उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे। कार्यवाहक उपखंड अधिकारी सुखराम खोखर ने अपने चैंबर के बाहर आने पर मना किया तो ब्लॉक अध्यक्ष शर्मा आमरण अनशन पर बैठ गए। दो बार वार्ता विफल रहने के बाद सुखराम खोखर बाहर आए और कहा कि वे जनता के सेवक है, उनके सुख-दुख के भागीदार हैं। अधिकारी के नरम पड़ने पर मामला शांत हुआ और धरने पर बैठक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ता मैनगेट से उठ गए।

ये थे प्रतिनिधि मंडल में शामिल

इस दाैरान नेता प्रतिपक्ष दलपतराज मेवाड़ा, जवाजा ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पंवार, सेवादल अध्यक्ष सीपी शर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कौशल्या गहलोत, चंद्रकांता मिश्रा, पूर्व सभापति शांति डाबला, नरेंद्र झंवर, बालकिशन राठी, भगवान सिंह राठौड़, प्रकाश सांखला, रामेश्वर मेवाड़ा, पार्षद बाबूलाल पंवार, भरत बाघमार, राहुल चतुर्वेदी, सूबेदार मोहनलाल, मोहनसिंह, लीला प्रजापत, हनुमान सिंह चौधरी, संपति बोहरा, लियाकत अली, राजेश शर्मा, सोहन मेवाड़ा, मेघराज बोहरा, कौशल जूनवाल आदि मौजूद थे।

कानून व शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ही भीड़ को अंदर नहीं आने की इजाजत दी गई। प्रतिनिधि मंडल को भी बता दिया गया कि ऐसी कोई भी अमर्यादित भाषा नेता प्रतिपक्ष के साथ उस समय नहीं प्रयुक्त की गई, जिसे उन्होंने भी माना। कानून के राज की स्थापना रहे इस व्यवस्था में यदि कोई भी अड़चन बनता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बाहर जो भीड़ बैठी थी उसे भी यही समझाया। सुखराम खोखर, कार्यवाहक उपखंड अधिकारी, ब्यावर