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अस्पताल का सक्शन प्लांट साल भर से खराब

हाई एक्सीडेंटल जोन होने और हर महीने औसतन 10 पॉयजन केस आने के बावजूद अस्पताल का सक्शन प्लांट एक साल से खराब है। इस...

Dainik Bhaskar

Jun 05, 2018, 02:25 AM IST
हाई एक्सीडेंटल जोन होने और हर महीने औसतन 10 पॉयजन केस आने के बावजूद अस्पताल का सक्शन प्लांट एक साल से खराब है। इस कारण मास कैजुअल्टी के दौरान कोई अनहोनी हो सकती है।

अस्पताल में चार जिलों के मरीज आते हैं। हाई एक्सीडेंटल जोन होनेे के कारण अस्पताल में कई बार मास कैजुअल्टी आती रहती है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा ट्रॉमा और सीसीयू वार्ड में सेट्रलाइज ऑक्सीजन और सक्शन प्लांट लगवाया गया। प्लांट से अटैच लाइन दोनों वार्ड में हर बेड तक पहुंचाई गई। जिससे हादसे में आने वाले घायल या गंभीर रूप से बीमार मरीज को आते ही पलंग पर ही इलेक्ट्रॉनिक सक्शन मशीन से सक्शन किया जा सके। लेकिन लगभग एक साल पहले माेटर जलने के कारण सक्शन मशीन खराब हो गई। काफी बार पत्र लिखने के बाद पिछले दिनों आए तकनीकी कर्मचारी ने मोटर ठीक कर दी। कुछ दिनों के बाद ही सक्शन प्लांट जाम हो गया और प्लांट फिर से खराब हो गया। इसके बाद से प्लांट खराब पड़ा है।

क्या होता है सक्शन

हादसों में घायल या अचेत मरीज अगर उल्टी करता है या गले के रास्ते से खून आने लगता है तो सांस की नली में खून अटक सकता है। जिससे मरीज की जान को खतरा हो सकता है। इस कारण सक्शन मशीन की मदद से गले की नली को साफ किया जाता है।

निपाह के लिए भी गाइड लाइन जारी

दुनिया भर में निपाह की दहशत से शहर भी अछूता नहीं है। इसी को लेकर निदेशालय के निर्देश पर अस्पताल प्रबंधन ने हाल ही में सभी कर्मचारियों के लिए गाइड लाइन जारी कर दी। इसके तहत नर्सिंग कर्मियों समेत डॉक्टरों को भी निपाह के लक्षण बचाव और ट्रीटमेंट के बारे में जानकारी दी गई है।

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