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मंजूरी मिलने के 6 माह बाद भी विजिलेंस को नहीं मिले इंजीनियर

अजमेर डिस्कॉम की ओर से गत वर्ष नवंबर माह में बकाया वसूली व विद्य‌ुत चोरी पर लगाम लगाने के लिए ब्यावर डिवीजन में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 10, 2018, 02:25 AM IST

मंजूरी मिलने के 6 माह बाद भी विजिलेंस को नहीं मिले इंजीनियर
अजमेर डिस्कॉम की ओर से गत वर्ष नवंबर माह में बकाया वसूली व विद्य‌ुत चोरी पर लगाम लगाने के लिए ब्यावर डिवीजन में विजिलेंस के सहायक व कनिष्ठ अभियंता को नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।

डिस्कॉम की ओर से डिवीजन में विजिलेंस टीम के उच्चाधिकारियों की नियुक्त करने का मुख्य उद्देश्य बकाया वसूली की शत-प्रतिशत प्राप्ति, डिवीजन में होने वाली विद्य‌ुत चोरी पर लगाम लगाना, विजीलेंस टीम की ओर नियमित तौर पर अभियान चलाना, उपभोक्ताओं के नियमित उपभोग पर नजर रखना व वितरण निगम व विजीलेंस की टीम की ओर से संयुक्त तौर पर कार्रवाई करना था। इसके साथ ही विद्य‌ुत वितरण निगम की ओर से जारी आदेशों के तहत निगम की ओर से विद्य‌ुत चोरी पर लगाम लगाए जाने के लिए की जाने वाली विजीलेंस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों की ओर से और सख्ती बरतना व विद्य‌ुत चोरी करने वालों में भय व्याप्त करना था।

निगम की ओर से हाल ही में बकाया वसूली, विद्य‌ुत चोरी व छीजत पर लगाम लगाने को लेकर निगम स्तर पर कई बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों में डिवीजन स्तर पर विजीलेंस के अधिकारों में बढ़ोत्तरी करते हुए सहायक व कनिष्ठ अभियंता की डिवीजन स्तर पर नियुक्त किए जाने का निर्णय भी शामिल है। डिवीजन स्तर पर विजिलेंस के अधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही उनको दिए जाने वाले विजीलेंस के टारगेट में भी बढ़ोत्तरी की गई थी। डिवीजन स्तर पर विजीलेंस के अधिकारियों के नियुक्त होने के बाद अब विद्य‌ुत चोरी व बकाया वसूली में सुधार की उम्मीद से ही विजीलेंस के अधिकारियों की नियुक्ति की स्वीकृति प्रदान की गई थी। निगम की ओर से निर्देशों के मुताबिक निगम के सर्किल हेडक्वार्टर पर विजीलेंस के अधिशाषी अभियंता की नियुक्त करने व अजमेर हेडक्वार्टर पर दो अधिशाषी अभियंता, दो सहायक अभियंता नियुक्त करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके साथ ही डिवीजन स्तर पर भी विजीलेंस विभाग के सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता विद्य‌ुत वितरण निगम के अधिशाषी अभियंता के निर्देशन में कार्य पूर्ण करना था।

हर महीने बिजली चोरों के खिलाफ चलाना था अभियान

अजमेर डिस्कॉम की ओर से विजीलेंस के सहायक व कनिष्ठ अभियंता की नियुक्ति के बाद विजिलेंस की टीम डिवीजन में नियमित तौर पर विद्युत चोरी व छीजत रोकने को लेकर अभियान चलाकर कार्यवाही करनी थी। इसके साथ ही निगम ने विजिलेंस टीम के अधिकारियों को विजिलेंस कर हर माह में कम से कम एक एफआईआर दर्ज करानी थी। निगम की ओर से नियमित तौर पर कार्रवाई कर अब ए व बी कैटेगरी के उपभोक्ताओं की ओर से विद्युत चोरी के मामले पकड़ कर ऐसे उपभोक्ताओं पर विद्युत चोरी का मामला बनाना था।

बिजली रोकने के लिए नियमित रूप से अभियान चलाने और बकाया वसूली के लिए होनी थी सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति

हाई वैल्यू कंज्यूमर की नहीं हो पा रही मॉनीटरिंग

अजमेर विद्य‌ुत वितरण निगम के एमडी की ओर से जारी आदेशों के तहत निगम के विजीलेंस के अधिकारी अब निगम की ओर से उपभोक्ताओं की बनाए जाने वाली चार कैटेगरी में शामिल ए व बी कैटेगरी के उपभोक्ताओं पर कड़ी नजर रखनी थी। निगम की ओर से इन्हे हाई वैल्यू कंज्यूमर कहा जाता है। विजिलेंस की ओर से हाई वैल्यू कंज्यूमर के विद्य‌ुत बिलों में अनियमितता पाए जाने पर इन पर कार्यवाही की जानी थी। परंतु अब तक ब्यावर डिवीजन में विजिलेंस के सहायक व कनिष्ठ अभियंता की नियुक्ति नहीं होने से हाई वैल्यू कंज्यूमर की नियमित तौर पर मॉनीटरिंग करने में परेशानी उत्पन्न हो रही है।

संयुक्त रूप से करनी थी विजिलेंस की कार्यवाही

विद्य‌ुत वितरण निगम की ओर से जारी आदेशों के तहत ब्यावर डिवीजन में विजीलेंस के सहायक व कनिष्ठ अभियंता की नियुक्ति के बाद निगम की ओर से वितरण विभाग व विजीलेंस टीम की ओर से संयुक्त तौर पर कार्रवाई की जानी थी। आदेशों के मुताबिक अब निगम के अधिकारियों को संयुक्त रुप से 15 से 20 कर्मचारियों की टीम के साथ विजीलेंस की कार्यवाही पूर्ण करनी थी। निगम की ओर से ये निर्णय विजिलेंस की टीम पर किए जाने वाले हमलों के चलते लिया गया था।

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Web Title: मंजूरी मिलने के 6 माह बाद भी विजिलेंस को नहीं मिले इंजीनियर
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