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टीबी के मरीजों को राहत, अब 24 नहीं केवल 6 माह लेनी होगी दवा

एमडीआर मल्टी ड्रग रजिस्टेंस टीबी के मरीज काे दो साल के लंबे इलाज से जल्द मुक्ति मिलेगी। अब एमडीआर पेंशेंट को 24...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 02:30 AM IST
एमडीआर मल्टी ड्रग रजिस्टेंस टीबी के मरीज काे दो साल के लंबे इलाज से जल्द मुक्ति मिलेगी। अब एमडीआर पेंशेंट को 24 महीने की जगह सिर्फ 6 माह की दवाएं लेनी पड़ेगी। इस गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए इजाद की गई नई दवा जल्द ही प्रदेश के मरीजों के लिए उपलब्ध करवा दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार इस इलाज के लिए दी जाने वाली एक गोली की कीमत करीब पांच हजार रुपए होगी। लेकिन सरकार इसे पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध कराएगी। टीबी के नए मरीजों की सेहत सुधारने के लिए प्रति माह 500 रुपए की सरकारी मदद भी प्रारंभ कर दी गई है। इसके तहत अप्रेल में रजिस्टर्ड और अप्रेल में इलाज लेने वाले एमडीआर टीबी पेशेंट को आर्थिक सहायता देना शुरू कर दिया गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. शेखर शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एमडीआर टीबी के मरीजों को जल्दी ही नई दवाई ‘बीडाकुलीन’ मिलेगी। इसके अलावा कैटेगरी-1 और कैटेगरी-2 के मरीजों के लिए भी नई दवाइयां ईजाद हो चुकी हैं। इनके आने के बाद इन श्रेणियों के मरीजों का इलाज 6 से 8 महीने के बजाय 3-6 महीने में हो सकेगा।

500 रूपए की आर्थिक सहायता : डॉ. शर्मा ने बताया अब टीबी के नए मरीजों को सरकार हर महीने 500 रुपए की आर्थिक मदद देगी। यह रकम उन्हें अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए दी जाएगी, ताकि वे अपने खानपान पर ध्यान दे सकें और इसका भार परिजन पर न पड़े। मरीज समय पर दवाई लें। इसके लिए अप्रेल से मरीजों को आर्थिक सहायता देना शुरू कर दिया गया है। लेकिन मरीजों को ये राशि दो दो माह के अंतराल में एक साथ 1 हजार रुपए मिलेगी।

हर मरीज को नहीं मिलेगी : डॉ. शेखर शर्मा ने बताया बीडाकुलीन दवा सभी एमडीआर मरीजों के लिए नहीं होगी। इसे सिर्फ उन्हीं मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिन पर अन्य किसी दवाई का असर नहीं हो रहा। गौरतलब है कि क्षेत्र में मिनरल फैक्ट्रियां और माइनिंग का कार्य अधिक होने के कारण और मजदूरी का दूसरा साधन नहीं होने के कारण क्षेत्र में बड़ी संख्या में एमडीआर टीबी के पेशेंट हैं।