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टैंकरों से भरते हैं खेलियां व जलस्त्रोत ताकि गर्मी में पशु-पक्षी न रहेंं प्यासे

भास्कर न्यूज|ब्यावर शहर के निकटवर्ती ग्राम शिवनाथपुरा के ग्रामीण बगैर किसी सरकारी मदद के अपने स्तर पर एक ऐसा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 21, 2018, 02:30 AM IST

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    शहर के निकटवर्ती ग्राम शिवनाथपुरा के ग्रामीण बगैर किसी सरकारी मदद के अपने स्तर पर एक ऐसा कार्य कर रहें हैं जो अन्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए मिसाल बन रहा है। शिवनाथपुरा के ग्रामीण मई-जून में पड़ने वाली भीषण गर्मियों के चलते सूखे जल स्त्रोतों व पानी की खेलियों में अपने स्तर पर टैंकरों के जरिए पानी भरवा रहे हैं। जिससे जल स्त्रोंतों व खेलियों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के कारण पशु-पक्षियों को पानी की तलाश में भटकना न पड़े।

    निजी टैंकरों के जरिए भरे गए इन जल स्रोतों में इन दिनों पड़ने वाली भीषण गर्मियों में पर्याप्त पानी होने के कारण उनके आसपास दिन भर पशु-पक्षियों का जमावड़ा लगा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि इन जल स्त्रोतों पर सुबह व शाम के वक्त काफी पक्षी भी आते हैं। उन्होंने बताया कि जलस्त्रोतों पर शाम के वक्त खासकर काफी संख्या में मोर एकत्र हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आमतौर पर गर्मियों के दौरान मोर व अन्य पक्षी पानी की तलाश में गांव से बाहर जाकर पानी की तलाश करते थें। वहीं, अब ग्रामीणों की ओर से जल स्त्रोतों में पानी भर देने से मोर व अन्य पक्षी पानी की तलाश में स्थान पर न जाकर गांव में ही रहते हैं। ग्रामीणों की ओर से उसी स्थान पर पानी भरवाया जा रहा है जिस स्थान पर पशु व पक्षी आम आमतौर पर पानी पीने आते हैं। जल स्त्रोतों पर पानी भरे रहने से पशु व पक्षी अन्य स्थानों पर पलायन नहीं करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एक पानी का टैंकर 400 रुपए का आता है। वहीं, ग्रामीणों के अलावा कई दानदाता भी आगे होकर पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करवाए जाने में मदद करने के लिए आगे आते हैं।

    बारिश के मौसम तक करेंगे व्यवस्था

    ग्रामीणों की ओर से मानसून तक जल स्त्रोतों पर पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था नियमित तौर पर कराई जाएगी। ग्रामीणों ने बीते वर्षों में भी गर्मियों के मौसम में जल स्त्रोत सूखने के बाद पानी व्यवस्था करवाई गई थी। बारिश के मौसम में प्राकृतिक जल स्त्रोतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने तक पानी की व्यवस्था करवाते हैं। इसमें कई ग्रामीण अपना सहयोग देते हैं।

    पशु पक्षियों के लिए ग्रामीण इलाके में टैंकरों के जरिए जल स्त्रोतों में पानी की व्यवस्था करवाई जा रही है। इस स्थान पर लगभग 100 से अधिक मोर व अन्य पक्षी पानी पीने आते हैं। टैंकरों के जरिए पानी भरवाने के लिए कई दानदाता भी मदद करते हैं। कानाराम गुर्जर, सरपंच, नूंद्री मालेदव

    शिवनाथपुरा के ग्रामीण अपने स्तर पर टैंकर मंगवाकर करते हैं पशु-पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम, जलस्त्रोत भरे रहने से मोर व अन्य पक्षियों का रहता है जमावड़ा

    ब्यावर. शिवनाथपुरा में पशु-पक्षियों के लिए समाजसेवियों द्वारा डलवाया जा रहा पानी।

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