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शुभलक्ष्मी को गोद लेना है तो करें ऑनलाइन आवेदन

अगर आप शुभलक्ष्मी को गोद लेना चाहते हैं तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही आप...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 09, 2018, 02:35 AM IST

शुभलक्ष्मी को गोद लेना है तो करें ऑनलाइन आवेदन
अगर आप शुभलक्ष्मी को गोद लेना चाहते हैं तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही आप बच्ची को गोद ले पाएंगे। हालांकि यह अवधि लंबी हो सकती है क्योंकि पूरे देश में बच्चों को गोद लेने की प्रतीक्षा सूची में 26 हजार से अधिक लोग शामिल हैं।

पहले किसी अनाथ बच्चे को गोद लेना बहुत आसान था। महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी के यहां आवेदन के बाद जिला जज की अनुमति से बच्चा मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। बिना आवेदन चाहत पूरी नहीं होगी। बच्चा उस व्यक्ति को गोद दिया जाए जो उसकी बेहतर ढंग से देखभाल और लालन पालन कर सके। इसके लिए ही महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अपने नियमों में कई बड़े बदलाव किये हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों राजकीय अमृतकौर अस्पताल के मदर चाइल्ड विंग के पालना गृह में एक मासूम को छोड दिया गया। जिसके बाद उसे गोद लेने के लिए कई दंपतियों ने इच्छा जताते हुए सीधे अस्पताल प्रबंधन के पास पहुंच कर आवेदन दिया। लेकिन किसी ने भी अभी तक नियमानुसार प्रक्रिया नहीं अपनाई है। किसी भी लावारिस बच्चे को गोद लेने से पूर्व सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा और आवेदन के समय ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, पैनकार्ड समेत कई प्रमाण पत्र देने होंगे। योजना के तहत आवेदन के बाद छह बच्चों की फोटो, नाम आदि विवरण आवेदनकर्ता को उसकी ईमेल आईडी पर भेजी जाएगी। उनमें से किन्हीं दो बच्चों को वह चुनेगा। इन दो बच्चों से वह मिल भी सकेगा। इसके बाद किसी एक बच्चे को उसे गोद दिया जाएगा। गोद देने के लिए जिला जज के न्यायालय में आवेदन किया जाएगा। जब वे स्वीकृति देंगे तो बच्चा गोद मिल जाएगा।

अकेले रहने वाले पुरुष को बालिका नहीं : ऐसा व्यक्ति जिसने विवाह नहीं किया है उसे बच्ची गोद नहीं दी जाएगी। जबकि कोई भी महिला जो अकेले या पति के साथ रहती है, वह बच्ची या बच्चा गोद ले सकती है।

उम्र के अनुरूप मिलेगा बच्चा : चार वर्ष तक के बच्चे को गोद लेने वाले दंपती में से किसी एक की उम्र 45 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यदि पति-प|ी की उम्र मिलाकर 90 वर्ष हो रही है तो इस उम्र का बच्चा गोद नहीं मिलेगा। चार से आठ साल तक की उम्र का बच्चा 90 से सौ साल की उम्र तक के दंपती गोद ले सकते हैं। चार या उससे अधिक बच्चों के माता या पिता को बच्चा गोद नहीं मिलेगा।

ये जानना जरूरी

ब्यावर. एकेएच में उपचाररत शुभलक्ष्मी जिसे गोद लेने की मंशा लेकर दो दंपती एकेएच पहुंच चुके हैं।

दंपती में से किसी एक के पास पैन कार्ड होना चाहिए।

फोटोग्राफ, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर।

आयकर रिटर्न या फिर आय प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र।

अगर तलाक हो गया है तो तलाक का प्रमाण पत्र, पति या पत्‍‌नी में किसी मृत्यु हो गई है तो उसका प्रमाण पत्र।

विवाह नहीं किया है अकेले रहते हैं तो कोई बात नहीं।

कोई संक्रामक रोग या गंभीर रोग नहीं इसका प्रमाण पत्र देना होगा।

सामाजिक और आर्थिक स्थिति की हाेगी जांच : बच्चा किसी अपराधी या आर्थिक रूप से बेहद कमजोर व्यक्ति के पास न चला जाए जिससे उसका भविष्य चौपट न हो। इसलिए गोद देने से पहले आवेदकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति जांची जाएगी। यह जांच महिला एवं बाल कल्याण विभाग अपने स्तर पर करायेगा।

यहां कर सकते हैं आवेदन : अगर आपको शुभलक्ष्मी या अन्य किसी बच्चे को गोद लेना है तो आप किसी कार्यालय के चक्कर काटने के बजाय घर बैठे महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइड सेंट्रल एडॉप्शल रिसॉर्स ऑर्थोरिटी की साइट www.cara.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही अन्य किसी जानकारी के लिए कारा के टोल फ्री नंबर 1800 11 1311 पर कॉल कर जानकारी ले सकते हैं।

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Web Title: शुभलक्ष्मी को गोद लेना है तो करें ऑनलाइन आवेदन
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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