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कृषि उपज मंडी में ई-भुगतान करने पर कृषक व व्यापारी होंगे पुरस्कृत

कृषि विपणन बोर्ड की ओर से ई ट्रेडि़ग व ई भुगतान को बढ़ावा देने के मकसद से ई भुगतान प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 09, 2018, 02:35 AM IST

कृषि विपणन बोर्ड की ओर से ई ट्रेडि़ग व ई भुगतान को बढ़ावा देने के मकसद से ई भुगतान प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। योजना के तहत डिजिटल लेनदेन करने पर ना केवल व्यापारियों को बल्कि काश्तकारों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। अब कृषकों की ओर से अपनी उपज का ऑनलाइन बेचान करने सहित मंडी के व्यापारियों का उनकी उपज की ऑनलाइन खरीद करने के उद्देश्य से ई भुगतान प्रोत्साहन योजना शुरू की है। विभाग के अनुसार मुख्यालय की ओर से कृषकों में ई-ट्रेडिंग व ई-भुगतान को प्रेरित करने व कृषकों को अपनी उपज का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के उद्देश्य से ई भुगतान प्रोत्साहन योजना शुरू की है। योजना के तहत उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा जो अपनी फसल का विक्रय मंडी समितियों में इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म(ई नाम/रिम्स) के माध्यम से करेंगे।

इस प्रकार मिलेगा लाभ

कृषकों को प्रोत्साहन देने के लिए व्यापारियों की ओर से कृषकों को उनकी कृषि जिन्स के ई प्लेटफार्म(ई नाम/ रिम्स) के माध्यम से विक्रय करने के बाद जारी ई विक्रय पर्ची के आधार पर निर्धारित मंडी शुल्क का 25 प्रतिशत भाग कृषकों को दिया जाएगा। यह राशि ई भुगतान प्राप्त करने वाले कृषक के उसी बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। जिसके माध्यम से ई भुगतान प्राप्त किया गया है। वहीं व्यापारियों की ओर से कृषकों के खाते में जमा कराई गई राशि का प्रमाणित विवरण प्रतिमाह मंडी समिति कार्यालय में यूजर चार्ज या मंडी शुल्क विवरण पत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा। इसी प्रकार व्यापारियों को प्रोत्साहन देने के लिए कृषि उपज मंडी समितियों के अनुज्ञापत्रधारी व्यापारियों द्वारा कृषकों को किए गए है ई भुगतान(डिजीटल पेमेन्ट) करने बैंक या अन्य एजेन्सी द्वारा लिए गए प्रभार शुल्क का 100 प्रतिशत पुनर्भरण मंडी समिति द्वारा संबंधित व्यापारी को किया जाएगा। मंडी समिति द्वारा ऐसे व्यापारियों को किए गए प्रभार/शुल्क भुगतान की राशि का पुनर्भरण कृषि विपण बोर्ड की ओर से किया जाएगा। बोर्ड की ओर से यह राशि मंडी विकास निधि से वहन की जाएगी।

इनका कहना है

मुख्यालय की ओर से कृषकों व व्यापारियों को ऑनलाइन बेचान व खरीद करने के उद्देश्य से ई भुगतान प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। जहां अधिक मात्रा में काश्तकार की ओर से अपनी उपज का बेचान व व्यापारी की ओर से उसकी खरीद करने पर राज्य,खंड व मंडी स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। महेश शर्मा,सचिव, कृषि उपज मंडी,ब्यावर

कृषकों व व्यापारियों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की कवायद,कृषि विपणन बोर्ड ने काश्तकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शुरू की योजना

ई-ट्रेडिंग व ई भुगतान से कृषकों व व्यापारियों को मिलेगा लाभ

मंडी के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे काश्तकार जो अपनी कृषि उपज का विक्रय मंडी में इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म(ई नाम व रिम्स) के माध्यम से करना होगा। इस योजना में व्यापारियों को भी लाभ प्राप्त होगा। व्यापारी को प्रत्येक ई भुगतान को एक इकाई माना जाएगा। यह ई भुगतान मंडी के वैध अनुज्ञापत्रधारी व्यापारी द्वारा विक्रेता को जारी की जाएगी। जिस पर यूजर चार्ज व मंडी शुल्क देय होगा।

एक लाख रुपए तक का मिलेगा पुरस्कार

ई भुगतान प्रोत्साहन योजना के तहत कृषक व व्यापारियों को मंडी स्तर से लेकर राज्य स्तर तक सम्मानित किया जाएगा। जिसमें कृषक व व्यापारी को एक लाख रुपए तक का पुरस्कार प्राप्त होगा। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ई पोर्टल के माध्यम से हुए व्यापार पर जारी ई विक्रय पर्चीयों के क्रमांक के आधार पर पुरस्कार दिए जाएगें। जिसमें मंडी स्तर पर पहले व दूसरे स्थान पर रहने वाले कृषक व व्यापारियों को 30 व 15 हजार रुपए का नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार इसी प्रकार खण्ड स्तर पर प्रथम स्थान आने पर व्यापारी व कृषक को 50 हजार रुपए तथा द्वितीय स्थान पर रहे कृषक व व्यापारी को 25 हजार रुपए से पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं राज्य स्तर पर प्रथम आने पर एक लाख कृषक व एक लाख रुपए का पुरस्कार व्यापारी को दिया जाएगा। द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50-50 हजार रुपए कृषक व व्यापारी को मिलेगें।

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Web Title: कृषि उपज मंडी में ई-भुगतान करने पर कृषक व व्यापारी होंगे पुरस्कृत
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