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नए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से पहले फिल्टर होगा फिर रिचार्ज वैल में जाएगा पानी

गिरते भूजल स्तर को लेकर सरकार ने बारिश के पानी का उपयोग करने और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन...

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 02:35 AM IST
नए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से पहले फिल्टर होगा फिर रिचार्ज वैल में जाएगा पानी
गिरते भूजल स्तर को लेकर सरकार ने बारिश के पानी का उपयोग करने और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के चौथे चरण में विभिन्न सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए 1.42 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।

सार्वजनिक निर्माण विभाग ने शहर में स्थित 30 सरकारी भवनों के लिए एक फर्म को नए डिजाइन के वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का टेंडर जारी किया। इस नए सिस्टम की खासियत यह होगी कि इसमें छत से बारिश के पानी को सीधे जमीन में पहुंचाने के बजाय पहले फिल्टर किया जाएगा और उसके बाद उसे रिचार्ज पाइप के जरिए करीब 300 फीट गहराई तक खुदे बोरिंग से जमीन में पहुंचाया जाएगा। मालूम हो कि इससे पहले भी विभिन्न सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे थे, मगर वह सिर्फ कागजों में ही थे। हकीकत में न तो बारिश का पानी छत से होकर जमीन में जा रहा था और ना ही पुराने सिस्टम से कहीं भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिल रही थी।

एेसी है नई डिजाइन के वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

ब्यावर. गोल टैंक (रिचार्ज वेल)

दो टैंक बनाए जा रहे हैं। इनमें छत का पानी पहले डिफिल्टिंग टैंक (चौकोर टैंक) में आएगा। इसमें गिट्टी व बजरी के जरिये इसे यहां पहले फिल्टर किया जाएगा। इस फिल्टर पानी को पास में ही बने रिचार्ज वेल (गोल टैंक) जिसकी स्टोरेज क्षमता करीब 15 हजार लीटर तक की होगी उसमें भेजा जाएगा। इसमें करीब 300 फीट गहराई तक हुए बोरिंग और उसमें लगे 8 इंच बोरिंग पाइप (स्टेनर पाइप) में जगह-जगह लगे कट के जरिए पानी जमीन में जाएगा। इस बार जहां भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्माणाधीन है, वहां समान पैटर्न पर बन रहे हैं। साथ ही जहां रूफ टॉप एरिया ज्यादा है वहां एक से अधिक सिस्टम बनाए जा रहे हैं। इसके तहत एसडी कॉलेज में चार और नगर परिषद में दो जगह सिस्टम निर्माणाधीन है। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के तहत सरकार ने ब्यावर क्षेत्र में विभिन्न सरकारी भवनों के लिए 1.42 करोड़ रुपए मंजूर कर करीब 30 से अधिक सरकारी बिल्डिंगों में नए डिजाइन का वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया गया है।

निर्माणाधीन है वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

बरसात से पूर्व सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से नगर परिषद भवन, अग्निशमन कार्यालय, चांदमल मोदी चिकित्सालय, बिदामी देवी बुरड़ धर्मशाला, कम्यूनिटी हॉल, कामकाजी महिला छात्रावास, न्यू बैंक कॉलोनी स्थित प्राथमिक विद्यालय, राजकीय सनातन धर्म उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपोल गेट स्थित केलीदेवी विद्यालय, सेदरिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय, राबामाउवि छावनी, एसडी गर्वमेंट कॉलेज, सिटी थाना परिसर, श्रम कार्यालय, तहसील कार्यालय, सानिवि कार्यालय, जीपीएफ एंड एसआई बिल्डिंग, उपखंड अधिकारी कार्यालय, परिवहन कार्यालय व राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मोतीपुरा बाडिय़ा में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाएगा।

चौकोर टैंक (डिफिल्टिंग टैंक)

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