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छावनी नदी की सफाई में अब सरकार भी करेगी मदद

शहर की एकमात्र नदी छावनी नदी किनारों पर हो रहे अतिक्रमण और बरसों से सफाई नहीं होने से नाले में बदलती जा रही है। नगर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 14, 2018, 02:35 AM IST

छावनी नदी की सफाई में अब सरकार भी करेगी मदद
शहर की एकमात्र नदी छावनी नदी किनारों पर हो रहे अतिक्रमण और बरसों से सफाई नहीं होने से नाले में बदलती जा रही है। नगर परिषद ने भामाशाहों के सहयोग से नदी के कायाकल्प का काम शुरू किया है । परिषद के उल्लेखनीय कार्य को देखकर अब सरकार भी बजट मंजूर कर सकती है। ऐसे में नाले में तब्दील हो रही छावनी नदी का कायाकल्प भी जयपुर स्थित अमानीशाह नाले की तर्ज पर हो सकेगा। स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव नवीन महाजन ने परिषद आयुक्त सुखराम खोखर को नदी के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि परिषद ने दो साल पहले भी पीडब्लूडी से प्रस्ताव तैयार कर भिजवाया था लेकिन जवाब नहीं मिलने पर परिषद ने हाल मेंं अपने स्तर पर काम शुरू करवाया है।

बिचड़ली तालाब की चादर चलने पर उसके पानी को मकरेड़ा तक पहुंचाने वाली यह नदी प्रशासन की लापरवाही के चलते नाले में तब्दील होती जा रही है। इसके मुहाने पर अतिक्रमियों के बेखौफ होकर कहीं पार्किंग बना ली तो कहीं पक्के निर्माण कर लिए। नदी के तट पर अतिक्रमण की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए परिषद प्रशासन ने इसके कायाकल्प का निर्णय लिया। सभापति बबीता चौहान ने इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक्सईएन ओमप्रकाश चौहान से बातचीत की। इसके बाद विभाग ने नदी किनारे की सफाई कर उसके दोनों ओर पक्की दीवारें बनाने का करीब 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया था । पीडब्ल्यूडी की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया था उसके मुताबिक नदी के मुहाने न सिर्फ साफ होने थे बल्कि दोनों ओर के किनारों का तहसील प्रशासन से पहले सीमांकन और उसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होनी थी। साथ ही इसे नूंद्री नदी तक मिलने से पहले पक्का बनाया जाना था। साथ ही दोनों किनारों पर 8 से 10 फीट ऊंचाई वाली दीवारें बनाना प्रस्तावित था।

सरकार से कोई जवाब नहीं मिलने पर परिषद ने अपने कोष से ही निजी कंपनी से पहले सर्वे कराया और उसके बाद तहसील परिषद के सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। आयुक्त सुखराम खोखर को मिली तो उन्होंने यह प्रस्ताव दिया कि बजाय परिषद कोष पर भार डालने के जनसहभागिता योजना क तहत क्यों न परिषद शहरहित से जुड़े इस कार्य को भामाशाहों के सहयोग से कराएं। सभापति बबीता चौहान ने आयुक्त खोखर के इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए भामाशाहों के माध्यम से इस काम को करने का निर्णय लेते हुए काम शुरू कराया, जो अब तक जारी है।

बरसों बाद हुई सफाई

नगर परिषद जनसहभागिता के तहत छावनी नदी की सफाई का अभियान 24 मई से शुरू किया था। तब से अब तक इसकी सफाई में भामाशाहों के सहयोग से जेसीबी जुटी है। सभापति बबीता चौहान ने बताया कि बारिश शुरू होने तक इसके आखिरी मुहाने तक सफाई कार्य जारी रहेगा। इसके लिए भामाशाह सहयोग को तत्पर है। नदी किनारे से झाडिय़ों की सफाई के साथ ही जेसीबी नदी में बरसों से जमा कीचड़ को भी निकाल रही है। नदी से निकले इस कीचड़ के सूखने के बाद इसे खेतों में खाद के रूप में उपयोग लिया जाएगा। परिषद के इस अभियान से नदी किनारे के काश्तकारों ने भी खुशी जताई।

परिषद द्वारा नदी विकास के लिए भामाशाहों के सहयोग से शुरू किए गए अभियान की जानकारी पर शासन सचिव ने इसके लिए परिषद प्रशासन को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सुखराम खोखर, आयुक्त

फैक्ट फाइल

नदी की चौड़ाई : 80 से 120 फीट तक

प्रस्तावित दीवारें : करीब 8 से 10 फीट तक

नदी की लंबाई : करीब 8 किलोमीटर

ब्यावर. सतपुलिया विस्तारीकरण के साथ चल रहा नदी की सफाई का काम।

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