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पीड़ितों के लिए जीवन समर्पित करने वालों का होगा सम्मान

आज का दिन मानव सेवा से जुड़े पेशे के नर्सिंग कर्मियों के लिए बेहद खास है। 12 मई शुक्रवार को विश्व नर्सेज डे है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 12, 2018, 03:25 AM IST

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    आज का दिन मानव सेवा से जुड़े पेशे के नर्सिंग कर्मियों के लिए बेहद खास है। 12 मई शुक्रवार को विश्व नर्सेज डे है। इंटरनेशनल कांउसिल ऑफ नर्सेज की ओर से साल 1965 से नर्सेज डे मनाया जाना शुरू किया गया। हालांकि ये कहा जाता है कि यूएस के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एज्यूकेशन एंड वेलफेयर के एक अधिकारी डोरोथी सदर लैंड ने साल 1956 में नर्सेज डे मनाए जाने का प्रस्ताव रखा। जनवरी 1974 में इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज द्वारा मॉडर्न नर्सिंग की फाउंडर फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म दिवस 12 मई को नर्सेज डे के रूप में मनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया। हर साल इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज इस मौके पर नर्सेज किट तैयार करवा का बांटती हैं। हर साल 6 से 12 मई तक नर्सेज वीक मनाया जाता है। लोगों की सेवा के पावन पेशे से जुड़ने वाले कई लोगों ने अपना पूरा जीवन इस पेशे को दे दिया और सेवानिवृति के बाद भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। इनकी प्रेरणा से ही दुखी लोगों की सेवा का अरमान लेकर कई युवा इस समय नर्सिंग की ओर आकर्षित हैं। ऐसे ही कुछ प्रेरणास्पद व्यक्तित्व और इस सेवा काे अपनाने वाले युवाओं से भास्कर ने जाने उनके विचार। शनिवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    सेवा से मन को शांति…

    नर्सिंग क्षेत्र एकमात्र ऐसा विकल्प है जो मानव सेवा में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होता है। मदर टेरेसा के मानव कल्याण के उद्देश्य को आज नर्सिंग समुदाय पूरा कर रहा है। मरीजों की सेवा करने से पुण्य तो मिलता ही है साथ ही मन को भी शांति मिलती है। पीडितों की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं।” नीतू सैन, एएनएम स्टूडेंट,

    आत्म संतुष्टि मिलती है...

    वर्तमान भौतिक युग में अधिकतर प्रोफेशन में आत्म संतुष्टि नहीं है। जबकि नर्सिंग प्रोफेशन भौतिक सुख सुविधा के साथ आत्म संतुष्टि भी देता है। एक स्वस्थ टीम की तुलना अगर मानव शरीर से की जाए तो नर्सिंगकर्मी ह्रदय का काम करते हैं। सिर्फ रोजगार के लिए इस क्षेत्र में नहीं आई। -किरण कुमारी, एएनएम स्टूडेंट

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