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श्रावक संघ के संस्कार शिविर का समापन 29 को

पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु व वनस्पति से संबंधित कोई भी हिंसा बिना प्रयोजना नहीं करनी चाहिए है। किसी भी वस्तु की...

Dainik Bhaskar

May 27, 2018, 03:30 AM IST
पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु व वनस्पति से संबंधित कोई भी हिंसा बिना प्रयोजना नहीं करनी चाहिए है। किसी भी वस्तु की उपयोगिता में मर्यादा रखनी चाहिए है।

यह कहना था प्रवचन प्रभावक पदमचंद का जो श्री अखिल भारतीय श्वेताम्बर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ की ओर से चल रहे संस्कार शिविर में प्रवचन दे रहे थे। शिविर संयोजक राजेन्द्र ओस्तवाल ने बताया कि 29 मई को होने वाले समापन समारोह के लिए जैन समाज के विभिन्न संघों, युवा व महिला मंडलों की बैठक भी संपन्न हुई। इसमें विभिन्न संघोंं को अलग अलग व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां प्रदान की गई। बैठक में उपस्थित सभी संघो के अध्यक्ष एवं मंत्रियों का भी श्री अखिल भारतीय श्वेताम्बर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ द्वारा बहुमान भी किया जाएगा। सकल जैन समाज के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने मुख्य बाजारों की दुकानों पर जाकर संपर्क कर सभी कार्यक्रम में पधारने का आमंत्रण दिया।

इस अवसर पर शांतिलाल, महावीर मकाणा, जंवरीलाल, राजेन्द्र कुंकुलोल, दुलीचंद मकाणा, दिनेश कटारिया, अशोक पालडेचा, दुलराज मकाणा, धनपत श्रीश्रीमाल, मुकेश भंडारी आदि उपस्थित थे।

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