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छूट के बावजूद फार्म पोंड बनाने में रुचि नही ले रहे छोटे काश्तकार

उपखण्ड में कम जमीन में खेती करने वाले किसानों के लिए भी बरसात के पानी को खेतों में एकत्रित कर फसलों की सिंचाई करने...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 27, 2018, 03:30 AM IST

उपखण्ड में कम जमीन में खेती करने वाले किसानों के लिए भी बरसात के पानी को खेतों में एकत्रित कर फसलों की सिंचाई करने के लिए फार्म पौंड बनवाने की योजना श़ुरू की थी। लेकिन विभाग की ओर से योजना के प्रचार प्रसार के अभाव के कारण कम भूमि वाले काश्तकार भी अपने खेतों में फार्म पौंड बनवाने में रुझान नहीं दिखा रहे हैं। इसका नतीजा है कि योजना को एक साल शुरू होने के बावजूद अब तक शहर के कृषि कार्यालय में महज 15 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय की ओर से अब तक अधिक जमीन वाले किसानों को ही फार्म पौण्ड बनाने का मौका मिल रहा था, लेकिन कम भूमि वाले छोटे किसानों के लिए भी फार्म पौण्ड बनाने की योजना शुरू की है। जहां छोटे किसानों को भी फार्म पौण्ड बनाने के लिए अनुदान दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से पूर्व में एक हैक्टेयर भूमि वाले किसानों को ही फार्म पौण्ड आवंटित किए जाते थे। इससे कम कम भूमि के हिस्सेदारों को यह सुविधा नहीं मिल रही थी। इससे पानी की कमी के चलते उनके खेत की पैदावार नहीं हो पाती थी, जिस कारण दूसरे किसानों से पिलाई (किराए) के लिए पानी लिया लेना पड़ता था।

अाधा कर दिया आकार

कृषि विभाग की ओर से अब तक 12 सौ घन मीटर(20 मीटर चौड़े, 20 मीटर लम्बे व 3 मीटर गहरा) फार्म पौण्ड स्वीकृत किए जा रहे थे। ये फार्म पौण्ड उन किसानों को ही आवंटित किए जाते थे, जिनके हिस्से में कम से कम 1 हैक्टेयर भूमि आती थी, लेकिन विभाग ने छोटे किसानों को मौके देने के लिए फार्म पौण्ड का आकार 6 सौ घन मीटर(20 मीटर चौड़े, 10 मीटर लम्बा एवं 3 मीटर गहरा) कर दिया है। हालांकि अब भी किसान के खाते में आधा हैक्टेयर भूमि होने की शर्त रखी गई है। इसके बिना स्वीकृति असंभव है।

इनका कहना है

विभाग की छोटे फार्म पौण्ड बनाने की योजना से अब छोटे किसानों को भी खेतों की सिंचाई करने का मौका मिलेगा। इस पर लागत भी कम आएगी और जमीन भी कम काम आएगी। विनोद छाजेड़, सहायक निदेशक, कृषि विस्तार,ब्यावर

फिर भी नहीं है किसानों में रुचि

कृषि विभाग ने किसानों के लिए फार्म पौण्ड बनाने की योजना वर्ष 2011-12 में लागू की थी, लेकिन विभाग कभी भी फार्म पौण्ड बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया है। कृषि विभाग को वर्ष 2016-17 में 270 फार्म पौण्ड बनाने का लक्ष्य मिलता था, लेकिन मात्र 89 किसानों ने ही फार्म पौण्ड बनाने में रूचि दिखाई। वर्ष 2017-18 में 268 के लक्ष्य पर 93 काश्तकारों ने ही फार्म पौण्ड बनवाए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उपखण्ड में पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण काश्तकार को फार्म पौण्ड में अनुदान से अधिक राशि खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में बहुत कम संख्या में ही काश्तकार अपने खेतों में फार्म पौण्ड का निर्माण करवाते हैं। इसी का नतीजा है कि 12 सौ घन मीटर का फार्म पौण्ड बनाने के लिए पूर्व में 52 हजार 500 का अनुदान राशि प्राप्त होती थी, जिसे बढ़ाकर अब 63 हजार 500 रुपए कर दिया है। वहीं छोटे किसानों को फार्म पौण्ड पर 26 हजार 250 रुपए का अनुदान दिया जाएगा।

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