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कथाश्रवण से मिलता है कई गुणा फल

जमेर रोड स्थित द्वारकाधीश गार्डन में बुधवार से श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। स्वर्गीय वैद्य...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 24, 2018, 03:35 AM IST

कथाश्रवण से मिलता है कई गुणा फल
जमेर रोड स्थित द्वारकाधीश गार्डन में बुधवार से श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। स्वर्गीय वैद्य दाऊलाल-चांददेवी शर्मा की स्मृति में मंजू एवं श्याम मोहन कुदाल दाधीच परिवार की ओर से आयोजित कथा से पहले कलश शोभायात्रा निकाली गई। जो नृसिंह मंदिर से शुरू होकर मुख्य मार्गों से होते हुए कथास्थल द्वारकाधीश गार्डन तक पहुंची। इस दौरान मार्ग में जगह-जगह कलशयात्रा का श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

कलश यात्रा में शामिल महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चल रही थी जबकि पुरूष धर्म तथा श्रीमद भागवत के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। नृसिंह मंदिर शुरू होकर लालान गली, अजमेरी गेट, एसबीआई बैंक, रोडवेज बस स्टैंड से होते हुए कथास्थल द्वारकाधीश गार्डन पहुंची। शोभा यात्रा में बरसाना के कथा वाचक संत आचार्य पंडित हेमंत कृष्ण महाराज ने भी शिरकत की। कलश यात्रा के कथास्थल पहुंचने तथा कलश स्थापना के बाद पंडित हेमंत कृष्ण महाराज महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा रसपान करवाते हुए श्रीमद भागवत महात्म्य प्रसंग सुनाया।

कथा शुभारंभ पर महाराज ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में कथाश्रवण का विशेष महत्व है। मनुष्य को इसका कई गुना फल मिलता है। उन्होंने कहा कि कृष्ण कथा कृष्ण चिंतन का प्रचार-प्रसार करती है। महाराज ने कहा कि आज हमें बच्चों को संस्कार देने की जरूरत है। इसके लिए पहले हमें अपने जीवन को संस्कारित करना होगा। तभी हम अपने बच्चों से रामकृष्ण परमहंस या विवेकानंद बनने की उम्मीद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भौतिकता की इस चकाचौंध में आज हम अपने आदर्श ही भूल बैठे हैं। कलियुग में हमें किसी तीर्थ स्थान पर जाने की जरूरत नहीं बल्कि वह तो हमारे माता-पिता के रूप में घर में ही मौजूद है। यदि उनकी सेवा कर ली तो समझो सभी तीर्थस्थलों के दर्शन हो गए। अंत में कथा आयोजक श्याम मोहन शर्मा ने इष्टमित्रों सहित भागवतजी की आरती की।

आयोजक परिवार ने तेज गर्मी को ध्यान में रखते हुए दोपहर 2.30 बजे के स्थान पर कथा का समय दोपहर 3.30 बजे से करने&ठ्ठड्ढह्यश्च; का आग्रह किया। 30 मई तक आयोजित होने वाली कथा के दौरान गुरुवार को शुकदेव प्राकट्य एवं परीक्षित जन्म, शुक्रवार को ध्रुव चरित्र एवं नृसिंह अवतार व रात्री में खाटू श्याम भजन संध्या, शनिवार को गजेन्द्र मोक्ष, रामचरित एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, रविवार को श्रीकृष्ण बाल लीला, माखन चोरी एवं गोवर्धन पूजा, सोमवार को महारास प्रसंग, कंस वध एवं रूकमणी विवाह, मंगलवार को प्रधुम्न जन्म, सुदामा चरित्र, श्रीशुकदेव पूजन एवं रात्री में सुंदरकांड पाठ तथा 30 मई बुधवार को हवन पूर्णाहुति एवं दोपहर एक बजे से महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।

ब्यावर. भागवत कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा के मौजूद लोग।

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