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80 हजार से सुधरेगा एकेएच का ऑक्सीजन सक्शन प्लांट

लंबे अर्से से खराब पड़े राजकीय अमृतकौर अस्पताल सीसीयू और ट्रॉमा आईसीयू वार्ड के ऑक्सीजन सक्शन प्लांट ना सिर्फ...

Danik Bhaskar | May 14, 2018, 03:40 AM IST
लंबे अर्से से खराब पड़े राजकीय अमृतकौर अस्पताल सीसीयू और ट्रॉमा आईसीयू वार्ड के ऑक्सीजन सक्शन प्लांट ना सिर्फ जल्द ठीक होगा बल्कि आईसीयू वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।

गत दिनों भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए अस्पताल प्रबंधन ने प्लांट का इंस्टॉलेशन करने वाली कंपनी को पत्र लिख कर इसकी मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाने के लिए कहा। लेकिन कंपनी ने असमर्थता जता दी। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा दुसरी कंपनियों से संपर्क किया गया। अहमदाबाद की एक फर्म जिसने पूर्व में भी उक्त प्लांट की मरम्मत की थी ने काम के लिए सहमति दे दी । कंपनी द्वारा करीब 80 हजार का अनुमानित एस्टीमेट पर सहमति को लेकर गत दिनों एकेएच में आयोजित हुई मेडीकेयर रिलीफ सोसायटी की मीटिंग में सदस्यों द्वारा सहमति जता दी गई।

गौरतलब है कि राजकीय अमृतकौर अस्पताल के सीसीयू और ट्रॉमा आईसीयू युनिट का ऑक्सीजन सक्शन प्लांट लंबे अर्से से बंद पड़ा है। ऐसे में मरीजों के साथ ही नर्सिंग कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संक्रमण के खतरे के बीच मरीजों को उपचार लेना पड़ रहा है। सीसीयू युनिट में मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे है। इतना ही नहीं लाखों की लागत से लगे प्लांट में सक्शन प्लांट भी जाम हो रखा है। जिस कारण मरीज मैन्यूअल सक्शन के भरोसे हैं। इस मामले को भास्कर ने प्रमुखता से उठाते हुए मरीजों की समस्या से अवगत करवाया था।

ओटी और आईसीयू वार्ड तक होगा विस्तारीकरण...

मीटिंग ने पीएमओ डॉ. एमके जैन ने बताया कि वर्तमान में ट्रॉमा आईसीयू वार्ड के पास ऑक्सीजन सक्शन प्लांट स्थापित हैं। जहां से ट्रॉमा आईसीयू और सीसीयू वार्ड तक लाइन बिछी हुई है। लेकिन प्रस्ताव के अनुसार ना सिर्फ ये प्लांट शुरू हो सकेगा बल्कि इसी लाइन को मेन ओटी और आईसीयू तक भी ऑक्सीजन सक्शन प्लांट का विस्तारी करण किया जाएगा।

आईसीयू वार्ड के समीप लगा ऑक्सीजन सक्शन प्लांट जिसकी मरम्मत होगी।

हादसे का खतरा | एकेएच के ट्रॉमा, आईसीयू वार्ड में लगा ऑक्सीजन प्लांट कई स्थानों से लीक हो रखा है। कुछ समय तक लीकेज प्लांट से ही सप्लाई की जाती रही। लेकिन ऑक्सीजन प्लांट के कई स्थानों से लीक होने के कारण हादसे का अंदेशा बना रहता था। इस कारण इस प्लांट को बंद कर दिया गया। इस संबंध में कई बार लिखने के बाद भी ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत नहीं करवाई गई है। जबकि कायाकल्प योजना के तहत मिली प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा उपकरणों के रखरखाव पर भी खर्च करना था।

ये है मामला...

हाई एक्सीडेंटल जोन होने और हर महीने औसतन 15 पॉयजन केस आने के बादजूद भी अस्पताल का ऑक्सीजन सक्शन प्लांट 1 साल से भी अधिक समय से खराब है। प्लांट कई जगहों से लीक हो रखा है, जिससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। इस कारण मॉस कैजुअल्टी के दौरान कोई अनहोनी हो सकती है। दरअसल राजकीय अमृतकौर अस्पताल में चार जिलों के मरीज आते हैं। हाई एक्सीडेंटल जोन होनेे के कारण अस्पताल में कई बार मॉस कैजूअल्टी आती रहती है। कई बार मरीजों को संख्यां ज्यादा होने के कारण अस्पताल प्रबंधन द्वारा ट्रॉमा और सीसीयू वार्ड में ऑक्सीजन और सक्शन प्लांट लगवाया गया। प्लांट से अटैच लाइन दोनों वार्ड में हर बेड तक पहुंचाई गई। जिससे हादसे में आने वाले घायल या गंभीर रूप से बीमार मरीज को आते ही पलंग पर ही इलेक्ट्रॉनिक सक्शन मशीन से सक्शन किया जा सके।