स्कूल छाेड़ने वाले थे 14 विद्यार्थी, हर शिक्षक ने दाे बच्चाें काे गाेद लेकर संभाल रखी है जिम्मेदारी
अाम ताैर पर सरकारी शिक्षक हाे या अन्य कर्मचारी, उतना ही काम करता है जितना नाैकरी बनाए रखने के लिए जरूरी हाेता है।
सरकारी स्कूलाें में नामांकन बढ़ाने अाैर कमजाेर व वंचित वर्ग तक भी शिक्षा की किरण पहुंचाने के लिए सरकार की विभिन्न याेजनाअाें के बावजूद इसीलिए अपेक्षित नतीजे नहीं मिल पाते हैं। दूसरी अाेर जवाजा ब्लॉक के मेड़िया ग्राम में संचालित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकाें ने सरकार के लक्ष्य काे नाैकरी की बजाय मिशन की तरह लिया ताे स्कूल में नामांकन 41 फीसदी तक बढ़ गया। स्कूल के संस्था प्रधान व अन्य शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ ही ऐसे बच्चों की व्यक्तिगत मदद भी कर रहे हैं जाे अार्थिक व अन्य कारणाें से स्कूल छाेड़ने वाले थे। हर शिक्षक ने दाे बच्चाें काे गाेद ले रखा है अाैर उनकी शिक्षा का प्रबंध वे अपने वेतन से कर रहे हैं। स्कूल के शिक्षक एेसे बच्चों को ना केवल स्कूल से जोड़ने का कार्य रहे हैं, बल्कि उन्हें शिक्षण सामाग्री उपलब्ध कराने के साथ हरसंभव मदद भी कर रहे हैं।
इसके अलावा स्कूल के संस्था प्रधान गोपाल शर्मा सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों के नजरिये को बदलने के लिए शिक्षण, शिक्षार्थी व समुदाय में सामंजस्य रखते हुए विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। विद्यार्थियों को भौतिक संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए भामाशाह की मदद से तीन कक्षा कक्षों, शौचालय व कम्प्यूटर लैब आदि का निर्माण करवाया है।
प्रत्येक शिक्षक दो विद्यार्थियों को ले रहा है गोद
स्कूल में संस्था प्रधान गोपाल शर्मा के साथ शिक्षक सुरेन्द्र शर्मा, सुनीता कुमारी, रेखा, नेहा छाबड़ा, आशा बुनकर, कुसुमलता व सुरज्ञान कार्यरत हैं। जो अपने वेतन से दो अनाथ बच्चों को गोद लेकर उनके लिए किताबें,स्कूल ड्रेस, बैग आदि की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलावा उक्त बच्चों के लालन-पालन के लिए भी आर्थिक रूप से मदद कर रहे है। वर्तमान में स्कूल के ऐसे 14 बच्चों को शिक्षकों ने गोद ले रखा है। शिक्षकों ने बताया कि संस्था प्रधान गोपाल शर्मा की प्रेरणा से आर्थिक रूप से कमजोर व अनाथ बच्चे जो परिवार चलाने की परेशानी के चलते शिक्षा से दूर हो जाते हैं, उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए इसी साल से संस्था प्रधान सहित स्कूल स्टाफ यह जिम्मेदारी निभा रहा है। जिससे गांव का कोई बच्चा गरीब होने के कारण शिक्षा से वंचित ना रहे। इसके लिए ग्रामीणों से भी मदद लेकर ऐसे बच्चों को स्कूल से जोड़ने का आह्वान किया जाता है।
ताकि बच्चे ना शिक्षा से वंचित
गांव में ऐसे बच्चें जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या उनके माता पिता नहीं है। उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए स्टाफ के सदस्य बच्चों को गोद लेकर उन्हें शिक्षा सामाग्री उपलब्ध करवाने के साथ ही उनकी हर तरह मदद करते है। जिससे कोई बच्चा गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित ना रहे। वर्तमान में 14 ऐसे बच्चों की मदद की जा रही है।
गोपाल शर्मा, संस्था प्रधान, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मेडि़या
गत वर्ष की तुलना में 41 प्रतिशत नामांकन वृद्धि
स्कूल के शिक्षकों की ओर से किए जा रहे उक्त कार्य के कारण वर्तमान में विद्यार्थियों का नामांकन संख्या में गत वर्ष की तुलना में 41 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है। वर्तमान में कक्षा पहली से आठवीं तक 218 पंजीकृत है। जिसमें छात्र की संख्या 117 है तो छात्राओं की संख्या 101 है।
ब्यावर.राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मेडिया जहां संस्था प्रधान ने भामाशाह की मदद से विद्यार्थियों के लिए भौतिक संसाधानों में की वृद्धि।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मेडिया जहां संस्था प्रधान सहित स्टाफ सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की कर रहे है मदद।