‘अहंकार को भगवान एक क्षण में तोड़ देते हैं’

Beawar News - ब्यावर|राम विवाह पंचमी पर रविवार को भगवान श्रीराम की सजीव झांकियों के साथ राम विवाह की बिंदोली निकाली गई। इस अवसर...

Dec 02, 2019, 07:11 AM IST
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ब्यावर|राम विवाह पंचमी पर रविवार को भगवान श्रीराम की सजीव झांकियों के साथ राम विवाह की बिंदोली निकाली गई। इस अवसर पर 151 कन्याओं ने कलश धारण किया गया। यह बिंदोली राबडियावास के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल रामद्वारा पहुंची। कथा वाचक संत गोपाल राम महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि धनुष अहंकार का प्रतीक था।

इसे तोड़ने में भगवान ने एक क्षण लगाया। जबकि पुष्प वाटिका में एक फूल तोड़ने में उनके पसीने आ गए यानी भगवान अहंकार को क्षण में तोड़ देते हैं। रामदेवरा महिला मंडल की ओर से आयोजित कथा के पहले दिन संत ने सीता विवाह का चित्रण किया।

पुष्प वाटिका में राम-सीता मिलन की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान मनुष्य को अनायास ही मिल जाते हैं। भक्ति पाने के लिए प्रयास करना पड़ता है। संत ने कहा बिना संतों की शरण के भगवान से संबंध नहीं हो सकता। सीताजी भक्ति का प्रतीक हैं और शिव धनुष अहंकार का प्रतीक था। मनुष्य न तो बालपन में कठोर होता है और न बुढ़ापे में। कठोरता व अहंकार जवानी में जन्म लेता है उसे उसी समय तोड़ देना चाहिए। इसका संदेश भगवान ने धनुष तोड़ कर दिया था। उन्होंने कहा कि जनक क्षत्रिय होने के बावजूद विवेक और शास्त्र को अपना दर्शन मानते थे। परशुराम ब्राह्मण होने के बावजूद शस्त्र को अपना दर्शन मानते थे।

ब्यावर.कथा वाचन करते संत।

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