व्यक्तित्व विकास के लिए शिक्षा व संस्कार जरूरी

Beawar News - संत गोपालराम महाराज ने बताया की व्यक्तित्व के विकास में शिक्षा व संस्कार का होना जरूरी है। शिक्षक बच्चों को ज्ञान...

Aug 13, 2019, 07:05 AM IST
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संत गोपालराम महाराज ने बताया की व्यक्तित्व के विकास में शिक्षा व संस्कार का होना जरूरी है। शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के साथ-साथ संस्कार भी सिखाता है। अच्छा शिक्षक वही है जो बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए सही मार्ग दर्शन भी करे। संत गोपालराम महाराज सोमवार को रामद्वारा में चल रही शिव पुराण कथा के पांचवें दिन श्रृद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।

संत ने कहा कि यद्यपि शिक्षा विकास की नींव है। शिक्षा के कारण जो विकास हुआ। लेकिन हमें ध्यान रखना चाहिए कि केवल शिक्षा पर जोर देंगे तो यह दुनिया आगे चलकर पंगु बन जाएगी। रिश्तों में दिनों दिन आ रही टूटन,पति प|ी के बीच बढ़ते तलाक, भाई-भाई में तकरार, माता पिता की सेवा के प्रति उदासीनता संस्कारों की कमी का ही परिणाम है। महाराज ने शिव परिवार कार्तिक और गणेश भगवान के चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि घर के बाहर खड़ी कार हमारी समृद्धि की पहचान है, पर घर के अंदर के संस्कार हमारी कुलीनता की परिचायक है। हमने बच्चों को कार नहीं दी तो वह दो दिन रोएंगे और संस्कार न दिए तो वे जिंदगी भर रोएंगे और हमें भी रुलाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे मूल्य और अच्छे संस्कार देवें ताकि हम उन पर सदा गौरव कर सकें। सुंदर मकान का निर्माण पत्थरों से होता है, सुंदर शहर का निर्माण पेड़ों से होता है,पर सुंदर मानव जाति का निर्माण नई पीढ़ी को संस्कारित करने से होगा। हमने बच्चों को भाग्य के भरोसे छोड़ दिया तो बुढ़ापे में हमारे भाग्य का खराब होना तय है। बच्चों को उन विद्यालयों में पढ़ाएं जहां शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं, नहीं तो वह पैसा कमाना तो सीख जाएगा, पर परिवार का पालन पोषण करना सीख नहीं पाएगा। बच्चों को केवल जन्म देने वाले माता-पिता सामान्य दर्जे के होते हैं, संपति देने वाले मध्यम दर्जे के होते हैं, उन्हें गलत प्रवृत्तियों से जोड़ने वाले अधम दर्जे के होते हैं, पर बच्चों को शिक्षा, संपत्ति के साथ साथ ऊंचे संस्कार देने वाले माता-पिता उत्तम दर्जे के होते हैं। आज के जमाने में पुरानी पीढ़ी के पास अच्छे संस्कार है और नई पीढ़ी के पास अच्छी शिक्षा है। दोनों आपस में तालमेल बिठाकर चले तो आनंद से भरा हुआ परिवार का निर्माण होगा। भगवान शिव, पार्वती, कार्तिक, गणेश और रिद्धि सिद्धि का विवाह महोत्सव झांकियों के साथ धूमधाम से मनाया गया। 12 ज्योतिर्लिंग की कथा श्रवण कराई जाएगी।

ब्यावर.रामद्वारा में चल रही संत गोपालराम महाराज की शिव कथा के दौरान सोमवार को उपस्थित श्रृद्धालु।

.रामद्वारा में आयोजित शिव कथा के दौरान सजी झांकी।

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