सर्पदंश से बालिका की मौत, डाॅक्टर के खिलाफ मामला दर्ज, किया कार्यमुक्त

Beawar News - सर्पदंश से अचेत एक बालिका की राजकीय अमृतकौर अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिस पर परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज...

Oct 13, 2019, 07:20 AM IST
सर्पदंश से अचेत एक बालिका की राजकीय अमृतकौर अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिस पर परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर सिटी और सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने प्रशासन को दी शिकायत में डॉक्टर पर लापरवाही का आराेप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई। मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रिय विधायक शंकर सिंह रावत, पीसीसी सचिव पारस पंच, सभापति कमला दगदी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ब्यावर के अध्यक्ष सोहन मेवाडा, मेघराज बोहरा, भाजपा नेता श्रवण सिंह भाटी, महादेव सिंह, रावत सेना संस्थापक महेंद्र सिंह रावत समेत अन्य ग्रामीण मोर्चरी के बाहर जमा हो गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार रमेश चंद्र ने विधायक और ग्रामीणों की मांग पर डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया तथा डॉक्टर को निलंबित करने के लिए अनुशंषा कर दी। इधर विरोध को देखते हुए कार्यवाहक पीएमओ डॉ. दिलीप चौधरी ने तीन सदस्यों की टीम गठित कर जांच शुरू कर डॉक्टर को ज्वाइंट डाइरेक्टर के पास ज्वाइनिंग देने के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार शिवनाथ सरपंच काना सिंह गुर्जर के भाई प्रभू लाल की 14 वर्षीय पुत्री रेखा को शुक्रवार देर रात अचेतावस्था में राजकीय अमृतकौर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर विवेक भटनागर को परिजनों ने बताया कि रेखा को सांप ने डस लिया। डॉक्टर ने रेखा को फिमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। उपचार के दौरान शनिवार तड़के करीब 4 बजे अचानक रेखा की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। जानकारी मिलने पर ड्यूटी डॉक्टर वार्ड में पहुंचे जहां से बालिका को सीसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया। जहां उपचार के दौरान रेखा की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई और शव को मोर्चरी में रखते हुए पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया। परिजनों की मांग और विरोध को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टर विवेक भटनागर के खिलाफ मामला दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं तहसील प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को नियमानुसार सरकारी योजना का लाभ के लिए आवश्यक औपचारिकता पूरी कर दस्तावेज भिजवा दिए।

जांच कमेटी की गठित : “मेडिकल नियमों के अनुसार इलाज किया गया लेकिन परिजनों ने शिकायत दी कि इलाज में लापरवाही बरती गई है। शिकायत मिलने पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। वहीं कानून और शांति व्यवस्था को देखते हुए डॉक्टर को ज्वाइंट डाइरेक्ट के लिए रिलीव कर दिया गया है। ताकि जांच प्रभावित नहीं हो।”


मोर्चरी के बाहर ग्रामीणों के साथ बैठे विधायक रावत, पीसीसी सचिव पारस पंच, सभापति दगदी और अन्य।

कार्यवाहक पीएमओ के समक्ष रोष जताते एवं तहसीलदार को शिकायत देते परिजन और ग्रामीण।

कहने के बाद भी नहीं लगाया सांप काटने का इंजेक्शन...

सरपंच कानाराम गुर्जर ने बताया कि देर रात करीब 12 से 12.30 बजे रेखा को सांप ने डस लिया। परिजनों ने सांप को मार भी दिया और रेखा को लेकर तुरंत राजकीय अमृतकौर अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने डॉक्टर को सांप भी बताया और कहा के रेखा को सांप ने डस लिया। परिजनों का आरोप है कि सांप बताने के बाद भी डॉक्टर ने जहर से बचाव के इंजेक्शन नहीं लगाए। जिस कारण रेखा की तबीयत बिगड़ गई और ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर डाक्टर ने रेखा के एएसवी लगाया। अगर डॉक्टर उनके कहने पर पहले ही एएसवी लगा देते तो शायद उनके मरीज की जिंदगी बच जाती। उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

गाइड लाइन के अनुसार किया उपचार...

इस संबंध में डॉक्टर विवेक भटनागर ने बताया कि रात में मरीज के अाते ही उन्होंने उसके ब्लड का सेंपल बीटीसीटी जांच के लिए भिजवा दिए। उन्होंने बताया कि जांच में सांप के जहर के प्रभाव नहीं दिखाई दिए और विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइन के अनुसार जब तक जांच में जहर की पुष्टि नहीं हो एएसवी नहीं लगाए जा सकते। क्योंकि उसके साइड इफैक्ट भी होते हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही सांप के जहर के प्रभाव सामने आए उन्होंने एएसवी भी लगा दिए लेकिन उपचार के दौरान बालिका ने दम तोड़ दिया। उन्होंने इलाज में लापरवाही से इंकार करते हुए जांच में सहयोग की बात की।

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