गुरु अनेक हो सकते है, लेकिन सद््गुरु एक ही होते हैं-कांकाणी

Beawar News - ब्यावर| शहर के प्रतापनगर क्षेत्र में रविवार को सुख सम्राट सदगुरु सुखराम महाराज का निर्वाण उत्सव आयोजित किया गया।...

Nov 11, 2019, 07:11 AM IST
ब्यावर| शहर के प्रतापनगर क्षेत्र में रविवार को सुख सम्राट सदगुरु सुखराम महाराज का निर्वाण उत्सव आयोजित किया गया। इस अवसर पर वक्ता जगदीशप्रसाद जागेटिया व प्रकाशचंद कांकाणी ने गुरू महाराज की जीवनी से लेकर मोक्ष तिथी तक का गुणानुवाद किया। उन्होंने कहा कि गुरू अनेक हो सकते है, लेकिन सद्गुरु एक ही होते है। आज के युग में सुखराम जी महाराज आज की तिथि को मोक्षधाम पधारे, लेकिन गुरु महाराज की अणभै वाणी को ही सदगुरु रूपी पदवी दी गई है। ऐसे परमात्मा के द्वारा नियुक्त किए गए सदगुरु के सानिध्य में ही भक्ति करके मनुष्य अपने जन्म मरण के चक्र को मिटाकर मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने सद्गुरु द्वारा ही निर्गुण परमात्मा(राम) में मिलने का मार्ग व विधि बताई है, इस विधि को धारण करके आत्म तत्व को परमात्म तत्व में मिलाया जा सकता है। यही गीता का तत्व ज्ञान व संतो का ब्रह्म ज्ञान है। इस अवसर पर दुलराज मकाणा, श्यामसुन्दर जागेटिया, रामेश्वर प्रसाद सोमाणी, दीपक काकाणी, मांगीलाल पटवारी, नवीन जागेटिया, प्रह्लाद शर्मा, वासुदेव शर्मा, लालचंद भाटी, भगवानदास सोलंकी, गीता देवी आदि उपस्थित थे।

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