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खारी नदी उफान पर, बिसूंदनी व घोड़दा बांध की चली चादर

2 वर्ष पहले
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सावर| सावर में तीन दिन से लगातार जारी मूसलाधार बारिश के कारण जिले के सबसे बड़े बिसूंदनी, घोड़दा बांध लबालब हो जाने से तीन दिन से दो सेमी. की चादर चल रही है। इससे सभी एनिकट भर जाने के बाद इनके पानी से खारी नदी भी उफान पर है। खारी नदी भर जाने के बाद गुलगांव के निकट चादर चल रही है जिसे देखने वालों का हुजूम उमड़ रहा है। सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता धन कुमार जैन ने बताया कि जिले के सबसे बड़े बिसूंदनी बांध 3.29 मीटर भर गया है, जबकि बांध की भराव क्षमता 3.27 मीटर है। पीपलाज बांध में 2.25 मीटर पानी आया है, जबकि इसकी भराव क्षमता 3.10 मीटर है। 16 जून से लेकर 7 अगस्त तक सावर तहसील क्षेत्र में 217 मिमी. बारिश दर्ज की गई है। बुधवार दिन में यहां 15 एमएम वर्षा दर्ज हुई है। उधर, भारी बारिश से घटियाली का उम्मेद सागर तालाब में गुल्ला लगने की शिकायत पर सावर तहसीलदार राधेश्याम मीणा ने बुधवार को माैके पर जाकर जायजा लिया। स्थानीय पंचायत प्रशासन को तुरंत गुल्ला ठीक करने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार ने बाजटा, नापाखेड़ा सहित कई गांवों में जाकर वहां आपदा प्रबंधन के कार्य का निरीक्षण किया। बारिश से बाजटा में एक कच्चा घर टूटने के समाचार मिले हैं।

पुराने सावर थाने में टपका पानी, बैरक में बैठना मुश्किल

सावर तहसील मुख्यालय पर विगत तीन दिन से हो रही भारी बारिश के कारण यहां वर्षों पुराने सावर थाने के भवन में पानी टपक रहा है जिससे पुलिस जवानों के बैरक में बैठना दूभर हो रहा है। पुलिस थाने के दीवान रमन जोशी ने बताया कि बारिश के कारण थाना में जवानों के बैरक रसोईघर तथा एएसआई का क्वार्टर में भी बारिश का पानी टपक रहा है। दीवान ने बताया कि इसके बचाव के लिए पुलिस जवानों ने अपने बैरक के ऊपर बरसाती तिरपाल लगा रखा है। बुधवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने सावर थाने आकर खराब बैरक का नाप जोख तैयार किया गया जल्द ही इसका तकमीना तैयार कर इसकी मरम्मत के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव बनाकर वित्तीय स्वीकृति जारी करवाई जाएगी। करीब 50 वर्ष पुरानी इन बैरक में पानी टपकने से सिपाही की वर्दी गीली हो जाती है वही रिकार्ड भी भीग जाने पुलिस के सामने बडी चुनोती आ रही है।

रामसर| दिनभर बूंदाबांदी व रिमझिम वर्षा होती रही। मूसलाधार वर्षा से चारों अाेर पानी ही पानी हो गया। खेतों में पानी भर रहा है, गली मोहल्लों में पानी भरने से कीचड़ हो गया है। कस्बे के मुख्य तालाब में साढ़े 6 फीट पानी की आवक हुई है। तालाब के भराव क्षमता 11 फीट है। लगातार वर्षा से सनोद की तालाब की चादर चल रही है।

मांगलियावास में 27 मिमी. बारिश

जेठाना। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में बुधवार दोपहर करीब आधे घंटे तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने 4:30 बजे तक 27 मिमी बारिश दर्ज की। बारिश से सुख सागर तालाब, देवनाडी, नया तालाब, मंगलच्या एनिकट, कल्पवृक्ष सरोवर में पानी की आवक दर्ज की गई। बारिश से लामाना के माताजी तालाब, कालाबड़ तालाब, लीड़ी के गणगरा तालाब, मकरेड़ा के गारिया तालाब, दौलतखेड़ा के काला नाडा, माताजी का नाडा, दांतड़ा तालाब में भी पानी की आवक होने से जलस्तर में वृद्धि हुई। बारिश से खेतों में निनाण करती महिलाएं भीग गई। लगातार बारिश के बाद मौसम में ठंडक आने के बाद ठंड का एहसास होने लगा है। निकटवर्ती केसरपुरा, डोडियाना, डुमाडा, सराधना, नदी में भी बारिश के समाचार हैं।

सावर. क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते खारी नदी उफान पर हैं बुधवार को रपट पर चलती चादर। फोटो| दरियाव नाथ योगी

नसीराबाद में 47 एमएम. बरसात

नसीराबाद।
नगर में बुधवार सुबह से ही बादल छाए हुए थे तथा लगभग 10 बजे बाद रिमझिम बरसात शुरू हुई जो रुक-रुक कर कुछ देर तक चलती रही। दोपहर लगभग 2 बजे एक फिर तेज बरसात शुरू हुई जो लगभग आधे घंटे तक बरस कर बंद हो गई। शाम 4:30 पुन: तेज बरसात शुरू हो गई जो लगभग एक घंटे तक चली। बरसात के कारण नगर के फूलागंज, मुकेरी मोहल्ला, तेली कुम्हार मोहल्ला, दूधिया मोहल्ला, मिशन कम्पाउंड मार्ग, अस्पताल के सामने, पलसानिया रोड, काली माई रोड, नागौरी मोहल्ला आदि क्षेत्रों में पानी भर गया जिसके कारण नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर में शाम 6 बजे तक 47 मिमी. बरसात हुई।

सेठन के एनिकट में रिसाव

पीसांगन।
ग्राम पंचायत डाबला के अधीन सेठन के पास दंड के बालाजी के मंदिर के सामने एनिकट की पाल में रिसाव हो गया और पानी बहने लगा। ग्रामीणों को सूचना मिलते ही ग्रामीण पंचायत प्रशासन के साथ जेसीबी लेकर पहुंचे और रिसाव को रोकने का प्रयास करने में जुट गए। काफी प्रयास से रिसाव को रोका गया। मंगलवार रात्रि व बुधवार दोपहर को तेज वर्षा होने से खेत पुनः लबालब हो गए और जलाशयों पानी की आवक शुरू हो गई।

आनासागर के तेज बहाव से टूट गया मजीतिया का एनिकट

पीसांगन। अजमेर की आनासागर झील के चैनल गेट खुलने से सागरमती नदी का बहाव तेज हाेने से दो एनिकट टूट गए हैं। पीसांगन प्रशासन हाई अलर्ट जारी किया है। नदी के किनारे मकान खाली करवाए गए हैं। बुधवार को अजमेर में भारी वर्षा होने के कारण प्रशासन ने आनासागर के दो गेट और खोल दिए। अब 4 गेट खुलने से आनासागर के पानी ने रफ्तार पकड़ ली है। सागरमती नदी में उफान अा गया है और भांवता ग्राम पंचायत के गांव मजीतिया में वाटर बॉक्स के पास बना एनिकट टूट गया है। उसके पानी के बहाव ने बुधवाड़ा व नूरियावास के बीच आनासागर के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों हाथों हाथ बनाई दीवार को बहा ले गई इसकी सूचना मिलते ही उपखण्ड अधिकारी समंदरसिंह भाटी ने तहसीलदार किशनाराम को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए तो तहसीलदार तुरन्त मौके पर पहुंचे और जायजा लिया जा रहा है और सरपंचों को सीमेंट के खाली कट्टों में मिट्टी भरवाकर रखना देने के निर्देश दिए।

बुधवाड़ा एनिकट छलकने काे तैयार : अानासागर का पानी सागरमती नदी होते भावता, नूरियावास होते हुए नाथूथला पहुंचा और रास्ते के सभी एनिकट को भरता हुअा बुधवाड़ा पहुंचा, लेकिन बुधवार को अजमेर सहित उपखण्ड क्षेत्र में अच्छी वर्षा होने से अजमेर के दो चैनल गेट और खोल दिए जिससे पानी का बहाव तेज हो गया है। अब बुधवाड़ा एनिकट छलकने को तैयार है। एेसा हाेते ही रामपुरा डाबला से होते हुए पानी पीसांगन और वहां से गोविन्दगढ़ बांध में पहुंच जाएगा।

ग्राम टोपा के एनिकट की चादर चली, तूरसागर की रपट ताेड़ी, ग्रामीणाें में राेष

मेवदाकलां। ग्राम टोपा के नीचे बना एनिकट छलक पड़ा। क्षेत्र के बाजटा, सुंदरपुरा सहित गांव में बरसात का सारा पानी ग्राम टोपा से गुजरते हुए एनिकट में पहुंचता है। एनीकट में अच्छी पानी की आवक के चलते चादर चल पड़ी। अलीगढ़ चलने के बाद सारा पानी बीसलपुर बांध से जुड़ी खारी नदी में मिलकर बांध का जलस्तर बढ़ा रहा है। एनीकट बीसलपुर बांध के डूब क्षेत्र में स्थित है। पिछले साल भी इस एनिकट की चादर नहीं चली थी। बरसात के चलते चादर चल पड़ी। मेवदाकलां क्षेत्र के आसपास बुधवार दोपहर बाद अचानक आए मौसम में बदलाव के चलते काली घटाओं ने करीब 15 मिनट तक झमाझम बरसात का दौर चला। बुधवार को दिन में हल्की बूंदाबांदी के बाद थोड़ी थोड़ी देर में उमस फिर हवा का दौर चलता रहा तथा काली घटाएं छाई। सावन माह में बरसात का रुक रुक दौर जारी है। देवलियाखुर्द में बस स्टैंड के निकट तूरसागर के लबालब होने के बाद चलती रपट को असामाजिक तत्वों ने तोड़कर पानी की निकासी तेज कर जलस्तर कम कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि तूरसागर पिछले दो दिनों से लबालब हो कर चादर चल रही थी। पानी का लेवल अधिक होने के कारण कुछ असामाजिक तत्वों ने हथौड़े से वार कर सीमेंटेड बनी रपट को एक हिस्से पर तोड़ दी। इससे लबालब तूरसागर का जलस्तर कम हो गया। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों लोग बस स्टैंड पर एकत्रित होकर इसका विरोध कर क्षेत्रीय प्रशासन को दूरभाष पर अवगत कराकर कार्रवाई करने की मांग की। मजरा खेड़िया के गडूलिया तालाब के लबालब भरने से रिसाव शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर रिसाव को भरने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे बाद मिट्टी से भरे कट्टे रखने पर पानी का रिसाव बंद हो गया, लेकिन तालाब ने पानी की लगातार आवक के चलते पानी ऊपर से निकलने की आशंका पर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत प्रशासन को सूचना दी। सूचना पर सरपंच रीना ढाेली ने जेसीबी को मौके पर भिजवाया। तीन घंटे बाद पाल पर मिट्टी डालकर पानी को रोका गया। उधर गडूलिया तालाब में लगातार पानी की आवक से तालाब की चादर करीब आधा फीट चल रही है।

डाई नदी

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