स्कूलों में राेजाना दूध, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 11 माह से मिल्क पाउडर को तरस रहे मासूम

Beawar News - सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल याेजना के तहत विद्यार्थी मजे से गरम दूध पी रहे है, राेजाना उनकी बल्ले-बल्ले हाे रही है...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:20 AM IST
Beawer News - rajasthan news rajana milk in schools anganwadi centers have been craving for milk powder since 11 months
सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल याेजना के तहत विद्यार्थी मजे से गरम दूध पी रहे है, राेजाना उनकी बल्ले-बल्ले हाे रही है लेकिन कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिए दूध की जगह आंगनबाड़ी के जिन नौनिहालों के लिए मिल्क पाउडर दिया जा रहा था,उन्हें एक दाे माह नहीं बल्कि पिछले 11 माह से मिल्क पाउडर नसीब नहीं हाे पा रहा है। ब्यावर शहर सहित पूरे प्रदेश के हजारों आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मिल्क पाउडर की सप्लाई बजट के अभाव में गत 11 माह से अटकी हुई है। सप्लाई के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से भिजवाए प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार है। इससे राज्य के लाखों लाभार्थी योजना से महरूम है। शहर में संचालित 117 व जवाजा के 212 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत 4 हजार से अधिक बच्चों के साथ ही गर्भवती व दात्री महिलाएं भी दूध से वंचित हो गए है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में वितरण किए जा रहे गर्म व ताजा दूध की तर्ज पर वर्ष 2018 में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शाला पूर्व शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों, ड्राप आउट किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के समुचित पोषण के लिए स्किमड मिल्क पाउडर वितरण योजना शुरू की गई थी। जहां राजस्थान कोआपरेटिव डेयरी फैडरेशन की ओर से गत नवम्बर माह में शहर व जवाजा की आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष तक बच्चों एवं महिलाओं को मिल्क पाउडर के पैकेट वितरित कर दिए गए, लेकिन इसके बाद सरकार के बदलने के साथ ही योजना ठंडे बस्ते में चली गई। जबकि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कुपोषित बच्चों का भी नामांकन होता है। ऐसे में बच्चों को समुचित पोषण की मुहिम को झटका लगता दिखाई दे रहा है। शहर व जवाजा में करीब 40 के करीब कुपोषित बच्चे चिह्नित है।


329 केन्द्रों के 4 हजार से अधिक बच्चें प्रभावित

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर दूध की सप्लाई बंद होने से शहर की 117 व जवाजा 212 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर चार हजार से अधिक बच्चे प्रभावित हो रहे है। शहर की आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 1 हजार 400 बच्चे पंजीकृत है। इसी प्रकार 2 हजार गर्भवत्ती, धात्री महिलाएं व किशोरी बालिकाएं है। योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पूरक पोषाहार के तहत सप्ताह में 3 दिन के लिए मिल्क पाउडर वितरित करना तय है। बच्चों को प्रति दिवस 15 ग्राम के हिसाब से 2 माह के लिए 360 ग्राम व गर्भवत्ती, धात्री महिलाएं व किशोरी बालिकाओं को प्रतिदिन 19 ग्राम के हिसाब से 456 ग्राम दूध पाउडर का पैकेट दिया जाता है।

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