10 साल पहले जुर्माने का भुगतान वेतन की जगह राजकोष से करने पर कार्रवाई की अनुशंसा

Beawar News - राजस्थान सूचना आयोग द्वारा लगाए गए जुर्माने का भुगतान अपने वेतन से कटवाने की बजाए राजकोष से करने के दस साल पुराने...

Nov 04, 2019, 07:15 AM IST
राजस्थान सूचना आयोग द्वारा लगाए गए जुर्माने का भुगतान अपने वेतन से कटवाने की बजाए राजकोष से करने के दस साल पुराने में मामले में एसीबी ने नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त लालचंद के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। एसीबी काे आरटीआई एक्टिविस्ट तरुण अग्रवाल ने 2014 में इस मामले में शिकायत की थी। एसीबी ने भ्रष्टाचार का मामला ताे नहीं माना लेकिन सेवा नियमाें के तहत कार्रवाई याेग्य मानते हुए स्वायत्त शासन विभाग काे पत्र भिजवाया है।

अग्रवाल के अनुसार उन्होंने अग्रवाल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को 2014 में शिकायत भेजी थी। इसमें बताया था कि कि राजस्थान सूचना आयोग ने द्वितीय अपील संख्या 1303/2007 उनवान सत्यनारायण सेन बनाम लोक सूचना अधिकारी, नगर परिषद, ब्यावर के मामले मे परिषद को विलंब से सूचना अदायगी का दोषी पाते हुए 7 मई 2008 को पांच हजार रुपए का जुर्माना परिषद के लाेक सूचना अधिकारी एवं आयुक्त पर लगाया था।

जुर्माने की यह रकम आयुक्त के वेतन से कटौती कर तीस दिन में जमा करानी थी। सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत जानकारी लेने पर पता चला कि तत्कालीन आयुक्त लालचंद पारीक ने उक्त शास्ति राशि जून 2008 में खुद के वेतन से कटौती करवा जमा करने की बजाए परिषद के राजकोष से जमा करवा दी थी। अग्रवाल का आरोप था कि यह कृत्य गबन की श्रेणी में अाता है, इसलिए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

आयुक्त लालचंद पारीक के खिलाफ होगी कार्रवाई

ब्यूरो ने अग्रवाल का परिवाद संख्या 318/2014 दर्ज कर जांच शुरू की और माना कि यह मामला सेवा नियमों के उल्लंघन का है। इसलिए एसीबी ने पारीक के विरुद्ध स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक को विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की है। पारीक मई 2007 से सितंबर 2008 तक ब्यावर नगर परिषद आयुक्त पद पर रहे थे।

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