जिले के 51 स्कूलों में फिर से गूंजेगा विद्यार्थियों का शोर

Beawar News - अजमेर जिले में भाजपा के शासनकाल में नामांकन कम हाेने के कारण मर्ज किए जाने के बाद बंद पड़े 51 राजकीय विद्यालयों में...

Bhaskar News Network

Jun 07, 2019, 07:15 AM IST
Beawer News - rajasthan news student39s noise will rebound in 51 schools in the district
अजमेर जिले में भाजपा के शासनकाल में नामांकन कम हाेने के कारण मर्ज किए जाने के बाद बंद पड़े 51 राजकीय विद्यालयों में

फिर से विद्यार्थियों का शोर गू्ंजने के अासार बन रहे हैं। सरकार के आदेश पर शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव बीकानेर निदेशालय भेज इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य की पूर्व भाजपा सरकार ने नामांकन, भाैगोलिक स्थिति के आधार पर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को एक-दूसरे में मर्ज किया था, जिसमें अजमेर जिले के 400 से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की स्कूलों पर ताला लग गया था।

ऐसे में अब नई सरकार ने मर्ज किए स्कूलों में से प्राथमिकता के आधार स्कूल चालू करने के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले में मर्ज किए स्कूलों में से 51 स्कूलों को चालू करने के प्रस्ताव जिला कलेक्टर के माध्यम से भिजवाए गए हैं। इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 21 व प्राथमिक शिक्षा के 30 स्कूलों को चालू किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस की राज्य सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले ही मर्ज किए स्कूलों को चालू करने की कवायद शुरू कर दी थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता के कारण कार्य बंद हो गया था। अब आचार संहिता हटने के बाद कवायद तेज गति से शुरू हो गई है।

अनुपयोगी भवनों का हो सकेगा उपयोग

अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में जिन स्कूलों को बंद किया था। उन करोड़ो रुपए की लागत के भवनों का उपयोग नहीं हो रहा था, यह भवन जीर्ण शीर्ण होने लगे थे। इन भवनों में आवारा जानवर व समाजकटंकों ने अड्‌डा बना लिया था। लेकिन अब सरकारी स्कूलों के फिर चालू होने से इन भवनों का सदुपयोग हो सकेगा।

जिला कलेक्टर के जरिए भेजा प्रस्ताव


नदी नालों को रखा प्राथमिकता में

अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने मर्ज किए उन सरकारी स्कूलों को फिर से चालू करने के प्रस्ताव मांगे है, जहां की भाैगोलिक स्थिति खराब है। यानि किसी गांव के छात्र छात्राएं पढ़ने के लिए दूसरे गांव जाते हैं तो रास्ते में नदी, नाला या तालाब आने पर विद्यार्थियों की जान जोखिम में रहती है। इन स्कूलों को पहली प्राथमिकता से चालू किया जाएगा। इसी प्रकार पांच से सात किलोमीटर की दूरी तथा नामांकन पर्याप्त संख्या में होने पर स्कूल चालू हो सकेंगे। किसी गांव में 50 से अधिक विद्यार्थी है तो वहां भी प्राथमिकता से बंद स्कूल को खोला जा सकता है। विभाग ने दो दर्जन से अधिक बिन्दुओं की प्राथमिकता तय कर जिला शिक्षा अधिकारियों के पास भिजवाई, जिनमें से अजमेर जिले में 51 स्कूलों का चयन हो पाया है। जहां जिला कलक्टर ने इन्ही स्कूलों को चालू करने की अभिशंषा सरकार से की है।

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