--Advertisement--

संवत्सरी महापर्व आज, कल होगी क्षमायाचना

श्री अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के आचार्य श्री रामेश के शिष्य प्रणत मुनि ने पर्युषण पर्व के सातवें दिन कहा संघ...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 03:36 AM IST
श्री अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के आचार्य श्री रामेश के शिष्य प्रणत मुनि ने पर्युषण पर्व के सातवें दिन कहा संघ हमारा अविचल मंगल नंदन वन सा महक रहा... आज हमें भीतर से तैयार होने का आखिरी दिन है। गुरुवार को जंक्शन बड़ा सुंदर होगा। संवत्सरी महापर्व को उपवास पौध करके धर्म को आगे बढ़ाना होगा।

निष्काम सेवा पर उन्होंने कहा कि हम सब को धर्म अनुरागी बनकर धर्म की लहर जगाते हुए धर्म में समा जाना है। गुरु पूजा से ही व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। हमें गुरु के इशारे को पहचान कर उनके इशारे को समझना है, क्योंकि गुरु की नजर पारदर्शिक होती है। उनकी आवाज भीतर से आती है। हमें तत्व ज्ञान नहीं होने से उनके उद्देश्य का पता नहीं चलता, अनेक गुणों को ग्रहण कर कर्म निर्जरा की ओर बढ़ते हुए अपने आवरण को हटाना होगा। धर्म को समझने पर बारह व्रत को स्वीकार कर लेते हैं, समाज को संपत्तिदार श्रावक की बजाय व्रतचारी श्रावक बनना जरूरी है।

धर्म का अनुभव होने से समाज में व्यवस्था वैसे ही कर सकते हैं। कार्यकर्ता आज्ञा प्रधान होना न कि खुद का दिमान लगाने वाला, गुरु आज्ञा को प्रधान मानकर निष्काम सेवा का लक्ष्य रखना जरूरी है। इससे पहले महासती विद्यावतीजी ने कहा कि इस आठ दिन में आत्मा की चाबी हमारी पर्युषण पर्व की है। हम सातवीं पृथ्वी के ऊपर बैठे हैं। अब आठवीं पृथ्वी की ओर जाना है तो कल संवत्सरी के दिन धर्म की चाबी लगाकर अपनी आत्मा पर पड़े कर्मों का ताला खोलना है। आज इसका निराला ठाठ होगा जो हम सब को लगाना है संवत्सरी पर।

गर्ल्स कॉलेज में बताया पर्युषण पर्व का महत्व

श्री वर्धमान कन्या महाविद्यालय में पर्युषण पर्व का महत्व बताया गया। कार्यक्रम में व्याख्याता मंजू सांड ने जैन धर्म के आध्यात्मिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए पर्युषण पर्व की महत्ता को बताया। छात्रा आरती भंडारी ने अपने विचार रखे। श्री वर्धमान शिक्षण समिति के मंत्री नरेंद्र पारख ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को जैन धर्म में संवत्सरी का महत्व बताया व सभी धर्मों को चातुर्मास चर्या का वैज्ञानिक आधार बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति शर्मा व निधि पंवार ने किया। इसी प्रकार भंवरलाल गोठी पब्लिक सीनियर सेकंडरी स्कूल में संवत्सरी महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री वर्धमान शिक्षण समिति के अध्यक्ष जवरीलाल सिसोदिया, नरेंद्र पारख, रमेशचंद्र मेड़तवाल, रामप्रकाश भूतड़ा, अनिल कुमार शर्मा व धर्मेंद्र शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान अध्यापिकाओं ने नवकार मंत्र की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात अमूल जैन ने कविता के माध्यम से क्षमा के महत्व को उजागर किया व ज्योति चौहान ने संवत्सरी पर्व का महत्व बताया।