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पुलिस ने नहीं सुनी तो पंचों से गुहार, जिस पर हत्या का संदेह उसके पक्ष में फैसला, पिता का हुक्का-पानी बंद

पांच माह पूर्व हुई मासूम बेटी की मौत के मामले में हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने जब कोई...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:25 AM IST
पुलिस ने नहीं सुनी तो पंचों से गुहार, जिस पर हत्या का संदेह उसके पक्ष में फैसला, पिता का हुक्का-पानी बंद
पांच माह पूर्व हुई मासूम बेटी की मौत के मामले में हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूर पिता ने समाज व गांव के पंचों से न्याय की गुहार लगाई। सोचा कि पंच उसे न्याय दिलाएंगे, लेकिन वहां उसे न्याय के बजाय प्रताड़ित होना पड़ा। अब गांव में कोई उससे बात नहीं करता, वह समाज में कहीं आ-जा नहीं सकता। पीने का पानी भी गांव की सीमा के बाहर से लाना पड़ रहा है। उसके मवेशी तक गांव के अन्य मवेशियों के साथ चर नहीं सकते। और यह सब इस वजह से है कि पंचों ने उसे गांव व समाज से बाहर करते हुए हुक्का-पानी बंद कर दिया।

पंचों के फरमान के बाद से इस परिवार का जीना मुहाल हो गया है, गांव में अलग-थलग पड़े परिवार के लिए अब न्याय पाना तो दूर सामाजिक स्तर पर सम्मान से जीना चुनौती बन गया है। बेटी खो चुके इस पिता का सामाजिक स्तर पर बहिष्कार करने का फरमान जारी करने से पहले पंचों ने इसकी गलती यह बताई कि उसने गांव की ही महिला पर बेटी की हत्या का आरोप क्यों लगाया, इससे पूरा गांव आहत हुआ है। यह मामला है क्षेत्र के देवलछ गांव का। जहां गत वर्ष नवंबर माह में पांच वर्षिय बालिका रवीना की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी, इस मामले में मासूम के पिता प्रभुलाल जाट ने बेटी की हत्या की आशंका जताते हुए कोर्ट इस्तगासे के जरिए गांव की ही जैनाबाई जाट के खिलाफ नामजद मुकदमा पारसोली पुलिस थाने में दर्ज कराया था।

बेगूं तहसील के देवलछ निवासी प्रभुलाल जाट को तीन दिन पहले गांव में हुई समाज व गांव के पंचों की बैठक में यह फरमान जारी किया गया है। जिसमें पंचों ने कहा कि उसने गांव की ही एक महिला पर बेटी की हत्या का आरोप क्यों लगाया, इससे पूरा गांव हत्या के आरोप से आहत हुआ है। इस गलती पर प्रभुलाल जाट का सामाजिक स्तर व गांव में बहिष्कार किया जाता है। गांव व समाज में आना-जाना, नूता-चिट्ठी आदि बंद कर दिया। यही नहीं गांव व समाज में कोई हुक्का-पानी व बोलचाल तक नहीं कर सकता। गांव के मंदिर पर भी नहीं जा सकता व मवेशी भी गांव के अन्य मवेशियों से अलग चराना पड़ रहा हे। पंचों के फैसले के बाद से यह परिवार पीने का पानी भी गांव की सीमा से बाहर स्थित किसी खेत पर लगे ट्यूबवैल से लाता है। हालांकि कोर्ट इस्तगासे के जरिए थाने में दर्ज मुकदमे की जांच अभी डीएसपी कर रहे हैं। साथ ही तीन दिन पहले गांव में हुए इस घटनाक्रम के बारे में भी कोई जानकारी होने से पुलिस इनकार कर रही है। साथ ही इस मामले में पुलिस अब तक भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है।

आटा-साटा नाते को लेकर रंजिशवश हत्या का गांव की ही एक महिला पर आरोप लगाते हुए पारसोली थाने में नामजद रिपोर्ट दी थी, मामले की जांच कर रहे डीएसपी

बेटी की संदिग्ध अवस्था में मौत पर गांव की एक महिला पर जताया था हत्या का संदेह, न्याय की गुहार लगाने पर पिता को पंचों ने गांव-समाज से पृथक किया

पंचों ने पक्षपात किया


पंचों ने मामले में महीनेभर पहले प्रभुलाल से मंदिर पर उठवाया गंगा जल

प्रभुलाल ने बताया कि एक महीने पहले भी गांव में समाज व पंचों की बैठक हुई। उसको पंचों ने यह कहते मंदिर पर गंगा जल उठवाया कि यदि तेरा आरोप सही है तो गंगाजल उठा। उसने मंदिर पर गंगा जल का पात्र उठाकर कसम ली और अपनी जगह सही होने का प्रमाण पेश किया, लेकिन आरोपी महिला जैना बाई जाट को पंचों ने गंगाजल उठाने की बात कही तो वह मुकर गई। फिर भी पंचों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

मुझे जानकारी नहीं


यह है मामला

6 नवंबर, 2017 को देवलछ गांव निवासी प्रभुलाल जाट की 5 वर्षीय बेटी रवीना को उसी गांव की महिला जैनाबाई जाट कुएं पर बैर खाने साथ ले गई। रवीना के साथ एक अन्य बालक राहुल भी था। शाम को बेटी जब घर नहीं लौटी तो उसकी तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिली। बाद में बेटी का शव एक कुएं में मिली। इस मामले में प्रभुलाल ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए गांव की ही एक महिला जैनाबाई के खिलाफ पारसोली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी जांच डीएसपी राकेश राजोरा को सौंपी गई।

रंजिशवश मारने का आरोप है महिला पर... प्रभुलाल का आरोप है कि जैना ने आटा-साटा नाते की रंजिशवश रवीना को कुएं में ढकेलकर हत्या कर दी। बिना पोस्टमार्टम बालिका का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना के एक सप्ताह बाद पिता प्रभुलाल ने पारसोली पुलिस में रिपोर्ट दी। बाद में कोर्ट में इस्तगासा पेश कर प्रभुलाल ने हत्या की आशंका जताते हुए जैना बाई के विरुद्ध मामला दर्ज कराया।

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