भरतपुर

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श्मशान में अतिक्रमण, खेतों में दाह संस्कार

भरतपुर | धौरमुई के श्मशान भूमि पर हुए अतिक्रमणों को कोर्ट के आदेश के बाद भी प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटवाए हैं।...

Danik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:55 AM IST
भरतपुर | धौरमुई के श्मशान भूमि पर हुए अतिक्रमणों को कोर्ट के आदेश के बाद भी प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटवाए हैं। ग्रामीणों को श्मशान पर अतिक्रमण होने के कारण खेतों में अंतिम संस्कार करने पड़ रहे हैं। शिकायतकर्ता रनवीर सिंह ने बताया कि श्मशान पर पशुवाड़ा का पुख्ता निर्माण कर अतिक्रमण किया हुआ है। भूमि पर कब्जाधारी विजेंद्र वगैरह निचली अदालत के निर्णय के खिलाफ एडीजे 2 में अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। एलआर एक्ट के तहत सरकार बनाम विजेंद्र मुकदमे में पटवारी से रिपोर्ट ली गई, जिसमें उसने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि सिविल न्यायालयों के फैसले से यह स्पष्ट है कि अतिक्रमी के पिता के नाम जारी प्रमाण पत्र निरस्त है। नायब तहसीलदार द्वितीय ने 6 मार्च को दिए निर्णय में अतिक्रमी विजेंद्र को भूमि से बेदखल करने के आदेश दिए। प्रशासन ने अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाए हैं। शिकायतकर्ता रनवीर सिंह की मांग पर कलेक्टर सतर्कता के आदेश पर जांच कर पैमाइश की गई तथा निशान लगाए गए थे। गिरदावर व पटवारी ने जांच तहसीलदार को भेजी थी। उन्होंने श्मशान की पैमाइश के आधार पर उस पर किए गए अतिक्रमणों को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हटाया जाना संभव बताया था। रिपोर्ट तहसीलदार के पास पहुंचने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाए गए हैं।

न्यायालय के आदेश पर भी नहीं हुई कार्रवाई

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