--Advertisement--

मैं नारी हूं, मैं नारी हूं, तुम भूल गए उपकार सभी...

साहित्य दर्पण संस्था की ओर से कार्यालय गोपालगढ़ स्थित निजी हॉस्पिटल में डॉ. आरके शर्मा की अध्यक्षता में कवि...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:55 AM IST
साहित्य दर्पण संस्था की ओर से कार्यालय गोपालगढ़ स्थित निजी हॉस्पिटल में डॉ. आरके शर्मा की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन एवं डॉ. लोकेश शर्मा की 100 गजलों के संग्रह का विमोचन किया गया। जिसका नाम सफर जिन्दगी का रखा गया है। मुख्य अतिथि नगर पालिका डीग पूर्व चेयरमैन यतीश शर्मा थे। विशिष्ट अतिथि हिन्दी साहित्य समिति अध्यक्ष मोहन बल्लभ शर्मा, रामबाबू शुक्ल, डोरी लाल शर्मा, गिर्राज मास्टर बछामदी थे। कवि सम्मेलन में डॉ. कुसुम शर्मा ने मैं नारी, मैं नारी हूं तुम भूल गए उपकार सभी मेरा अस्तित्व मिटाओगे..., डॉ. लोकेश शर्मा ने हम तो मस्त फकीर हमारा कोई नहीं ठिकाना रे, जैसा अपना आना प्यारे वैसा अपना जाना रे..., श्याम सिंह जघीना ने कितने ही नाम इतिहास में अमर हुई बेटियां..., कवि छीतर सिंह ने हंस हंस कर जो जिया करते हैं उनकी जवानी होती है..., द्वारिका पाराशर ने ऐसे इंसान से हैं जानवर बहुत अच्छे..., जयपाल करूणा ने दिन की तपिस में तो खिलते रहे..., ललितेश कुशवाह ने मोदी मंदिर वनवा दो रह रही रोज मारा मारी है..., सुशील शर्मा ने बेटी की शादी के हमारे दिल में कुछ अरमान हैं..., भगवान सिंह भ्रमर ने जिस घर में बेटी हैं, वो घर निहाल है..., डॉ. सुरेश चतुर्वेदी ने भव्य माल भारत का गौरव चमक रहा है इस जग में..., कवि घनश्याम होलकर ने जीवन है अनमोल जग तू अब तो आंखें खोल कविता पढ़ी। इस अवसर पर कवि सोमदत्त व्यास, कृष्ण मुरारी नागेश, राजेन्द्र अनुरागी, रवि नागर, अभिषेक योगी, हरिओम हरि, सुरेश चंद शर्मा, सुगड सिंह सुग्गा, नरेन्द्र निर्मल, गोपाल लवानियां आदि कवियों ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. ईशा शर्मा, डॉ. हर्षवर्धन, जसवंत सिंह दारापुरिया आदि मौजूद थे। संचालन श्याम सिंह जघीना ने व आभार दिनेश चंद शर्मा ने जताया।

साहित्य दर्पण संस्था की ओर से गोपालगढ़ स्थित हॉस्पीटल में हुआ काव्य गोष्ठी हुई

भरतपुर. सफर जिंदगी का गजलों के संग्रह का विमोचन करते पदाधिकारी।