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विधायक बंसल ने एससी के नाम दर्ज कृषि भूमि बताई खुद की, कोर्ट के रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश

शहर विधायक विजय बंसल ने विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरते समय जिस कृषि भूमि को खुद व प|ी की खातेदारी में बताया...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:15 AM IST
शहर विधायक विजय बंसल ने विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरते समय जिस कृषि भूमि को खुद व प|ी की खातेदारी में बताया है। वह पिछले 19 साल से एससी के नाम दर्ज है। जबकि नियम यह है कि एससी वर्ग के खातेदार की भूमि की रजिस्ट्री सवर्ण के नाम नहीं हो सकती है। ऐसे में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या दो राजेंद्र कुमार चौधरी ने विधायक विजय बंसल पुत्र केदारनाथ बंसल के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एडवोकेट उतम शर्मा ने बताया कि विजय बंसल ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव के समय जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने प्रस्तुत नाम निर्देशन पत्र के साथ 10 रुपए के मूल्य के शपथ पत्र में खुद के खिलाफ लंबित प्रकरण या संज्ञान लेने के कॉलम में नहीं लिखा। जबकि वर्ष 2013 में ही 20 रुपए के शपथ पत्र पर उसी कॉलम में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या चार की ओर से फौजदारी के प्रकरण में 13 दिसंबर 2006 को संज्ञान लेना बताया है। जबकि मथुरा गेट थाने में वर्ष 2003 में एक मुकदमा दर्ज होना बताया है। इतना ही नहीं 2008 व 2013 में गांव लुधावई में दो खसरा नंबर में प|ी संध्या बंसल की कृषि भूमि का उल्लेख किया है। लेकिन 1998 से लेकर 2017 तक की जमाबंदी के अनुसार उक्त दोनों खसरा नंबर की कृषि भूमि अनुसूचित जाति के कास्तकारों के नाम दर्ज हैं। राजस्थान में अनुसूचित जाति की भूमि सवर्ण जाति का व्यक्ति खरीद ही नहीं सकता। ऐसे में दोनों ही शपथ पत्रों में झूठी जानकारी दी गई है। इसलिए उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता एवं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश मथुरा गेट थाना पुलिस को दिए गए हैं। क्योंकि उक्त प्रकरण की शिकायत मथुरा गेट थाने के एसएचओ से की गई थी। लेकिन एसएचओ ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। इसलिए इस्तागासा पेश किया गया।