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पौने दो लाख नारियलों का नहीं मिल रहा खरीदार

कैलादेवी झील का वाड़ा मंदिर में रखे पौने दो लाख नारियल देवस्थान विभाग के लिए सिरदर्द बन गए हैं, क्योंकि इनका कोई...

Danik Bhaskar

Mar 04, 2018, 07:40 AM IST
कैलादेवी झील का वाड़ा मंदिर में रखे पौने दो लाख नारियल देवस्थान विभाग के लिए सिरदर्द बन गए हैं, क्योंकि इनका कोई खरीददार नहीं मिल रहा और विभाग इन्हें खुर्दबुर्द भी नहीं कर सकता। क्योंकि इसमें श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इससे ये नारियल अब विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। उल्लेखनीय है कि चैत्र और शारदीय नवरात्र में झील का वाड़ा मंदिर में पूर्वी राजस्थान सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश और दिल्ली तक के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, जो श्रद्धा स्वरूप नारियल चढ़ाते हैं। इन्हें प्रतिवर्ष चैत्र और शारदीय मेले से पूर्व नीलाम किया जाता है, किंतु पिछले शारदीय नवरात्र में नारियल नीलाम नहीं हुए। पिछले साल शारदीय नवरात्र में करीब 32 हजार नारियल चढ़े हैं, जबकि पिछले साल के 1.45 लाख नारियल भी बकाया चल रहे थे। अब यह संख्या 1.77 लाख हो गई है। ज्ञात रहे कि देवी के दर्शन को आने वाले ज्यादातर श्रद्धालु माता को नारियल और चुनरी चढ़ाते हैं। इसमें से बहुत सारे नारियल प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को लौटा दिए जाते हैं। फिर भी हजारों की तादाद में नारियल रह जाते हैं। विभाग इन्हें हर साल बेचता आया है, किंतु पिछले डेढ़ साल से इनकी बिक्री नहीं हो पा रही है। इतनी बड़ी संख्या में नारियलों का कोई खरीददार सामने नहीं आ रहा है। इस कारण पिछले तीन टेंडर खाली चले गए थे। इस बार बिक्री के लिए देवस्थान विभाग ने चौथी बार टेंडर आमंत्रित किए हैं।

तीन कमरों में भरवा कर सुरक्षित रखे, पिछले साल की 1.45 लाख की नीलामी बकाया

तीन कमरों में रखे हैं नारियल, चौथी बार होगी टेंडर प्रक्रिया

देवस्थान विभाग ने इन नारियलों को तीन कमरों में भरवा रखा है। सहायक आयुक्त केके खंडेलवाल ने बताया कि झील का बाड़ा मंदिर में एक लाख 77 हजार 447 नारियल हैं। इसके टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। दो चरणों में 15 मार्च तक नीलामी की जाएगी। पहले भी तीन बार निविदा आमंत्रित की जा चुकी है, किंतु कोई खरीददार नहीं आया। इन्हें सुरक्षित रखवा दिया गया है। अब फिर से टेंडर प्रक्रिया की गई है। ऐसा चौथी बार होगा जब देवस्थान विभाग द्वारा इन नारियलों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।

झील का मेला 16 से

झील का बाड़ा मेला 16 मार्च से भरेगा, जो 31 मार्च तक चलेगा। मेले में 300 दुकानें लगेंगी, जिनका आवंटन 12 से 15 मार्च तक होगा। रवि अमृत कुंड और कालीसिल जलाशय की सफाई कराई जा रही है, जिसमें स्वच्छ जल भरा जाएगा। साथ ही कुंड के चारों तरफ सुरक्षा जंजीरें लगवाई जाएंगी। इसके अलावा मेला परिसर में सुरक्षा के बावत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस संबंध में गत दिवस जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक भी हो चुकी है जिसमें संबंधित विभागों एवं लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। मेले के सफल संचालन के लिए व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं।

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