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30 हजार हर माह खर्च करने के बाद भी अस्पताल में फैली है गंदगी

सरकारी अस्पताल में सफाई के नाम पर 30 हजार रुपए हर माह खर्च किए जा रहे हैं फिर भी सफाई नहीं हो रही है। अब हाल यह हो गया...

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 06:20 AM IST
सरकारी अस्पताल में सफाई के नाम पर 30 हजार रुपए हर माह खर्च किए जा रहे हैं फिर भी सफाई नहीं हो रही है। अब हाल यह हो गया है कि ठेकेदार डॉक्टर तक की नहीं मान रहा है।

मंगलवार को अस्पताल में गंदगी देख डाक्टर ने ठेकेदार को मोबाइल से व्यवस्था को दुरूस्त करने की नसीहत दी। उन्होंने ठेकेदार को कहा कि एक माह गुजरने के बाद भी अस्पताल में सफाई का कोई शिड्यूल नहीं बना है। ठेकेदार ने डाक्टर की बात सुनकर सफाई व्यवस्था को दुरूस्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए आश्वासन दिया तथा बोला कि अस्पताल में सफाई का कोई इश्यू नहीं है। इश्यू बनाने बाले किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकते इतना सुनते ही डाक्टर भड़क गया ओर बोला अस्पताल प्रशासन द्वारा सफाई के लिए एक हजार रुपए प्रतिदिन दिए जा रहे है फिर भी अस्पताल के स्वीपर सफाई कर रहे है।

बिना काम के नहीं होना चाहिए अप्रैल का भुगतान

अस्पताल में मेल नर्स प्रभारी दिनेश बंसल अस्पताल में सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए बोले कि ठेकेदार बिना काम के भुगतान उठा रहा है। ठेकेदार के कार्मिक अस्पताल में नजर नहीं आते है। अप्रैल माह से ठेकेदार की राशि रोक देनी चाहिए।



नियमों को ताक में रखकर दिया ठेका

अस्पताल प्रभारी ने अस्पताल की सफाई का ठेका अप्रैल माह में निजी संस्था से सांठगांठ कर दिया है। जिसके कारण ठेकेदार के हौंसले बुलंद हैं। ठेकेदार ने अस्पताल की सफाई के लिए 2-2 हजार में तीन युवक व दो महिलाओं को तैनात किया हुआ है जिसकी मानीटरिंग खुद स्वीपर करते हैं। जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही है। इसके लिए जल्द ही स्वीपर से बात करके सफाई व्यवस्था को दुरस्त कराया जाएगा।


डाॅ. सचिन सिंघल, एमओ सरमथुरा

सरमथुरा. अस्पताल में सफाई करते अस्पताल के स्वीपर।