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भक्ति करने वाले की नहीं होती गोत्र और जाति: शास्त्री

सरमथुरा। कस्बे में निकलती कलश यात्रा में शामिल महिला व पुरुष। भास्कर संवाददाता | सरमथुरा कस्बा में गुरूवार को...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:55 AM IST
सरमथुरा। कस्बे में निकलती कलश यात्रा में शामिल महिला व पुरुष।

भास्कर संवाददाता | सरमथुरा

कस्बा में गुरूवार को खरेर हनुमान मंदिर पर श्रद्धालुओं द्वारा रामकथा की शुरुआत की गई। कथा कथावाचक दामोदर शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज को एकता के सूत्र में बांधने के लिए हर घर में श्रीरामचरित मानस का अनुशरण होना चाहिए। पूरा देश जब एक सूत्र में बंध जाएगा तो राम राज्य का सपना साकार हो जाएगा। जो व्यक्ति भगवान की शरण में आ गया या भगवान की भक्ति करने लगता है, उसका कोई गोत्र या जाति नहीं होती। वह केवल ईश्वर का भक्त होता है। जब भगवान की कोई जाति नहीं होती वह सभी के साथ समानता का व्यवहार करते हैं, तो लोग जात-पात का भेद क्यों करते हैं। जो भगवान की शरण में आ जाता है उसका दूसरा जंम हो जाता है। कथा की शुरुआत विधि विधान से पूजा अर्चनाकर की गई। इस मौके पर कस्बा के श्रीजी महाराज मंदिर से बैंडबाजों के साथ कलश यात्रा निकली। जिससे कस्बा का माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने श्री रामचरित मानस की आरती कर प्रसादी का वितरण किया।