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देखिए मुद्दा... लुहेसर के ग्रामीण बोले- 10 साल से हम धूल फांक रहे हैं, सड़क नाम की चीज नहीं है

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | कामां/जुरहरा/पहाड़ी

गुरुवार को कांग्रेस प्रत्याशी जाहिदा खान के समक्ष ग्रामीणों ने पानी,बिजली, विद्यालय में शिक्षकों का अभाव, स्वास्थ्य जैसी मूल समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सवाल-जवाब भी किए। पहाड़ी के गांव धौलेट निवासी गनी मोहम्मद ने कहा कि घटमीका चौराहे से लेकर धौलेट तक कि सड़क मार्ग को बने करीब दस साल हो गए है। जिस पर हजारोंं की संख्या में प्रतिदिन वाहनों का आवागमन होता रहता हैं। उस मार्ग पर सड़क नाम की चीज नहीं है। केवल मिट्टी और रोड़ी से सड़क नुमा बनी हुई है। जिससे निकलने वाले हजारो वाहनों से उड़ने वाली धूल घरों में आती है। भोजन भी नहीं कर सकते हैं।

कामां विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी जाहिदा खान गांव जीराहेड़ा और काकन खोहरी को छोड़ सीधा घौसिंगा गई। घोसिंगा पंचायत मुस्लिम बाहुल्य है जहां गांव से करीब 2 किमी पहले से ही ग्रामीण बैण्ड बाजे के साथ प्रत्याशी को गांव घोसिंगा लेकर पहुंचे। रास्ते भर आतिशबाजी की। चांदी के तीन मुकुट और नोटों की माला भी पहनाई, लेकिन इतनी भीड़ के बाद भी किसी ने कोई समस्या प्रत्याशी को नहीं बताई। केवल चिकनी-चुपड़ी बातें की गईं। गांव खेडली नानू में भी प्रत्याशी का स्वागत सत्कार किया गया जहां प्रत्याशी की गाड़ी कीचड़ भरे रास्ते से कार्यक्रम स्थल पहुंची, लेकिन यहां भी किसी ने कोई समस्या नहीं बताई, जबकि गांव के अधिकतर रास्तों पर कीचड़ जमा है। जिससे होकर ग्रामीणों को सालों से निकलना पड़ रहा है। किसान सिंचाई के पानी को लेकर भी परेशान हैं। इसके बाद भी ग्रामीणों का समस्याओं को लेकर कोई चर्चा नहीं की। ऐसे में प्रत्याशी क्यों आपकी समस्याओं पर ध्यान देंगे। इसलिए हिचकिए मत और आपके जीवन के लिए कठिनाई बन रही समस्यावां को दमदारी से उठाइये। क्योंकि पांच साल में यही वक्त है अपनी बात कहने और नेताओं से वचन भरवाने का।

ये नेता आज आपके पास आए हैं, अब फिर पांच साल बाद ही आएंगे...

इसलिए हिचकिचाइये मत, इनसे सवाल पूछिए और मुद्दे भी उठाइए
कांग्रेस प्रत्याशी जाहिदा खान को भी कीचड़ भरे रास्ते में से ही निकलना पड़ा
जुरहरा. गांव खेडलीनानू में कीचड से निकलती प्रत्याशी की कार।

खेती के लिए 6 में से 2 घंटे ही मिल रही बिजली: इलियास
शौचालय निर्माण के लिए मंजूर 12 हजार की राशि अभी तक नहीं मिली : महेंद्र

गांव बौलखेड़ा के महेन्द्र सिंह ने कहा कि शौचालय निर्माण के लिए मंजूर 12 हजार रूपए की सहायता राशि मिली नहीं है। 5 हजार की आबादी है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी नही है। और भी कई परेशानियां हैं।

गांव लुहेसर के इलियास मेव ने कहा कि किसानों को 6 घंटे मे से मात्र 2 घंटे सिचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जो कि पर्याप्त नहीं है। अधिकारी सुनवाई नहीं करते। कनैक्शन के लिए डिमांड राशि जमा कराए 6 माह बीत गए है। गांव लुहेसर में मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त तथा कीचड़ से भरी थी। मजबूरन प्रत्याशी जाहिदा को गाड़ी में बैठकर ही रास्ता पार करना पड़ा।

पीने के पानी की समस्या स्थायी, कैसे होगा समाधान: नवाब

नवाब खां ने सवाल किया पिछले पांच वर्ष से गांव में पीने का पानी का संकट बना हुआ है। जिस पर जाहिदा ने निदान का भरोसा दिलाया।

ये भी मांग... स्कूलों में बच्चे तो हैं, शिक्षक नहीं
कांग्रेस प्रत्याशी जाहिदा के जनसंपर्क के दौरान लहसर के लोगों ने कांग्रेस प्रत्याशी जाहिदा खान के सामने मुद्दा उठाया कि यहां माध्यमिक विद्यालय में छात्र छात्राओं तो है, लेकिन पिछले कई वर्षों से शिक्षकों की कमी है। इससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा विद्यालय का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित रहता है। यहां शिक्षकों की नियुक्ति कराई जाए।

जाहिदा का आश्वासन
समझौते का पानी दिलाया जाएगा: जाहिदा खान
ग्रामीणों द्वारा कोई भी समस्या जब प्रत्याशी के समक्ष नहीं रखी तो भास्कर ने गुडगांव कैनाल में पानी नहीं आने की समस्या के संबंध में पूछा। जाहिदा खान ने बताया कि उनके पिता चौधरी तैयब हुसैन ने अपने मंत्री कार्यकाल में गुडगांव कैनाल की खुदाई कराई थी। इसके बाद 2008 में जब वह विधायक थी तो कैनाल में पानी छुड़वाया गया। बीजेपी के कार्यकाल में भी उनके ही प्रयासों से कई बार कैनाल में पानी अाया। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो यमुना जल समझौते के तहत राजस्थान के लिये तय हुई पानी की मात्रा को पूरा दिलाने के प्रयास किये जाएंगे। जाहिदा खान ने कहा कि भाजपा विधायक ने आपकी सुध नहीं ली। उल्लेखनीय है कि भाजपा विधायक जगतसिंह से पहले जाहिदा खान ही विधायक थीं। उनका कहना था कि पांच साल में भाजपा सरकार ने गांँवो की सुध नही ली।

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