- Hindi News
- National
- Bharatpur News Rajasthan News 11 Quintal Gulal Blew Up In Dauji39s Huranga Culminating Eight Days Of Holi Festival In Braj
दाऊजी के हुरंगा में उड़ा 11 क्विंटल गुलाल, ब्रज में आठ दिनों से चल रहे होली उत्सव का हुआ समापन
ब्रज में आठ दिन से चल रहा होली उत्सव बुधवार को दाऊजी के हुरंगा के साथ संपन्न हो गया। बुधवार को दाऊजी में हुरंगा की अनूठी परंपरा निभाई गई। इस मौके पर हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने होली खेली। इस मौके पर महिलाओं ने कोड़े मारे और पुरुषों ने महिलाओं पर रंग फेंका। ब्रज की होली भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित है, वहीं, दाऊजी का हुरंगा उनके बड़े भाई बलदेव जी पर केंद्रित है। हुरंगा में पुरुष गोप समूह को महिलाएं गोपिका स्वरूप द्वारा प्रेम से भीगे पोतने (कोड़ों) की मार नंगे बदन पर खाते हैं। नंगे बदन पर कोड़ों की मार देखने के लिए यहां हजारों देशी-विदेशी श्रद्धालु उमड़े। दाऊजी के हुरंगा को ब्रज की होली का मुकुट मणि माना जाता है। बुधवार को हुरंगा सुबह 12 बजे से शुरू हुआ। हुरंगा खेलने के लिए ब्रज की गोपिकाएं परंपरागत लहंगा-फरिया व आभूषण पहन कर झुंड में मंदिर के विभिन्न द्वारों से होली गीत गाते हुए आईं। मंच पर श्रीकृष्ण, बलराम सखाओं के साथ अबीर गुलाल उड़ा रहे थे। दाऊजी में गोस्वामी कल्याण देव के वंशज पांडेय समाज के लोग ही हुरंगा खेलते हैं। छत, छज्जों से क्विंटलों गुलाल एवं फूलों की पंखुडिय़ां उड़ाईं गईं। इस दौरान आकाश इंद्रधनुषी हो गया है। हुरंगा में हुरियारिनों ने झंडा छीनने का प्रयास किया और पुरुषों ने इसे बचाने का प्रयास किया। अंत में महिलाएं झंडा छीनने में सफल रही और गायन हुआ हारे रे रसिया, जीत चली ब्रज नारि, इसके साथ हुरंगा संपन्न हो गया। मंदिर रिसीवर आरके पांडेय ने बताया कि हुरंगा में आठ क्विंटल, टेसू फूल, ढाई क्विंटल केसरिया रंग, 11 क्विंटल अबीर गुलाल, 11 क्विंटल गुलाल एवं विभिन्न प्रकार के फूलों का प्रयोग हुआ। टेसू के फूलों के रंग में केसर, चूना, फिटकरी मिला कर इसे प्राकृतिक रूप से तैयार किया गया। गुलाल को मशीनों द्वारा उड़ाया गया।
भरतपुर/मथुरा. दाउजी मंदिर में आयोजित हुरंगा में उमड़ा जनसैलाब।