2 साल में 80 हजार मीटर बदलने थे, डेढ़ साल में सिर्फ 35 हजार ही बदल पाए

Bharatpur News - जलदाय विभाग ने शहर में बंद व खराब मीटर बदलने के लिए डेढ़ साल पहले चंडीगढ़ की यूनिकप्रो कंपनी को 80 हजार मीटर बदलने का...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 08:10 AM IST
Deeg News - rajasthan news 80 thousand meters had to be changed in 2 years only 35 thousand could change in one and a half years
जलदाय विभाग ने शहर में बंद व खराब मीटर बदलने के लिए डेढ़ साल पहले चंडीगढ़ की यूनिकप्रो कंपनी को 80 हजार मीटर बदलने का वर्कऑर्डर दिया था, लेकिन डेढ़ साल में केवल 35 हजार मीटर ही बदल सके। इसमें से भी ज्यादातर वो मीटर है, जो सही चल रहे थे। विभागबंद व खराब मीटर को नहीं बदलवा रहा है। शहर में ढाई लाख से ज्यादा मीटर खराब व बंद है। मुख्यमंत्री की ओर से 8 मार्च को महीने में 15 हजार लीटर पानी का उपभोग करने वाले परिवारों को जल शुल्क की माफी का वादा भी पूरा नहीं हो रहा। मुख्यमंत्री का भी शायद इस तरफ ध्यान नहीं। जल उपभोग वाले उपभोक्ता को भी एवरेज बिल के नाम पर ज्यादा पैसा भरना पड़ रहा है। मीटर बदलने की धीमी प्रोग्रेस के बावजूद ठेका कंपनी पर पेनल्टी नहीं लगाई है।

शहर में 4 लाख 70 हजार पानी के कनेक्शन है, इनमें से 2 लाख 20 हजार कनेक्शन पर ही मीटर लगे हैं। 2 लाख 50 हजार कनेक्शनों पर मीटर बंद हैं या खराब हैं, जिन्हें औसत बिल भेजा जाता है। अमृत योजना व मीटर बदलने की मॉनिटरिंग अधीक्षण अभियंता आरसी मीना व एडिशनल चीफ इंजीनियर देवराज सोलंकी कर रहे हैं। अमृत योजना के नोडल अफसर व जलदाय विभाग के एक्सईएन रामरतन डोई का कहना है कि कंपनी अपने प्रोग्रेस से मीटर बदल रही है। पहले शहर के बाहरी इलाकों में मीटर चेंज हो रहे थे। अब चारदीवारी में मीटर बदलवा रहे हैं। फिलहाल कंपनी पर पेनल्टी लगाने की कोई जरूरत नहीं है।

विभाग बंद मीटर के वसूल रहा मीटर सर्विस चार्ज

नए कनेक्शन पर उपभोक्ता प्राइवेट दुकान से मीटर खरीद कर विभाग को सरेंडर कर देता है। इसके बाद मीटर की मेंटेनेंस की जिम्मेदारी विभाग की है। विभाग उपभोक्ता से हर महीने पानी बिल के जरिए 44 रुपए मीटर सर्विस चार्ज के वसूल करता है। विभाग ने मानसरोवर व मिस्रीखाना में मीटर सर्विस लैब खोल रखी है, लेकिन केवल मिस्त्रीखाना में रोजाना 30-40 मीटर ही सही होते हैं।

जल शुल्क से ज्यादा दूसरे शुल्कों की वसूली

जलदाय विभाग प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं से पानी के बिल में जल शुल्क से ज्यादा दूसरे चार्ज वसूल रहा है। पेयजल सिस्टम को बेहतर करने व सुधार के नाम पर सीवरेज चार्ज, मीटर सर्विस शुल्क, आधारभूत सरचार्ज व नवीनीकरण शुल्क के नाम पर वसूली जा रही है। पिछले 8 महीने से केवल 30 से 45 मिनट ही पेयजल सप्लाई हो रही है। यानि आधा पानी ही मिल रहा है, लेकिन जलदाय विभाग ने बंद व खराब मीटर कनेक्शन पर न्यूनतम 20 हजार लीटर का पानी उपभोग तय कर रखा है।ं

X
Deeg News - rajasthan news 80 thousand meters had to be changed in 2 years only 35 thousand could change in one and a half years
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना