पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Bharatpur News Rajasthan News Advocates Welfare Fund Fund Amendment Bill Contrary To The Concept Of Soft Justice Maderna

अधिवक्ता कल्याण कोष निधि संशोधन विधेयक सुलभ न्याय की अवधारणा के विपरीत: मदेरणा

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

राजस्थान सरकार द्वारा लागू किया गया अधिवक्ता कल्याण कोष निधि संशोधन विधेयक 2020 में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के प्रस्तावों के विपरीत तैयार किया गया है। जो अधिवक्ता हितों पर कुठाराघात करने वाला है। तथा सुलभ न्याय की अवधारणा के विपरीत है। इतना ही नहीं यह विधेयक बार काउंसिल आफ राजस्थान के प्रस्तावों के विपरीत है। इसलिए इस कानून का पुरजोर विरोध किया जाएगा। जब तक सरकार इस कानून को संशोधित कर बार काउंसिल आफ राजस्थान द्वारा लिए गए प्रस्तावों और अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल को लागू नहीं करेगी, तब तक इस विधेयक का दी बार एसोसिएशन का विरोध किया जाएगा। ये बात दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष माधो सिंह मदेरणा एडवोकेट ने गुरूवार को बार सभागार में आयोजित एक बैठक के दौरान व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक में आजीवन सदस्यता शुल्क 17500 रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए तथा वकालतनामा पर वेलफेयर टिकिट की राशि 25 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए किया जाना अधिवक्ताओं के हितों पर कुठाराघात करते हुए काला कानून बनाया गया है। जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान से भी मांग की कि उक्त बिल का विरोध करें और रणनीति बनाकर आंदोलन करें। बैठक के दौरान अधिवक्ता लक्ष्मन सिंह सिनसिनवार, महेश चंद सोगरवाल, तेजवीर सिंह, तपन बंसल, दुष्यंत मदेरणा, पूरन सिंह, विष्णु सिंह, जोगेंद्र सिंह, जगदीश कुंतल, नगेंद्र कटारा, विनय प्रताप सिंह मदेरणा, रमेश सोलंकी, रघुराज सिंह डागुर आदि ने उक्त विधेयक के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित करने पर जोर दिया और आंदोलन करने की चेतावनी दी।

खबरें और भी हैं...