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गाैमाता और बुजुर्गों की सेवा से समाज में बनता है सुख-शांति का वातावरण : पं. सुरेश शास्त्री

Bharatpur News - कथावाचक पं सुरेश चन्द शास्त्री ने कहा कि गोमाता व बुजुर्गों की सेवा करने से घर, परिवार में सदैव सुख-शांति बनी रहती...

Jan 23, 2020, 09:41 AM IST
Nagar News - rajasthan news an environment of happiness and peace is created in the society by the service of gamata and elders pt suresh shastri
कथावाचक पं सुरेश चन्द शास्त्री ने कहा कि गोमाता व बुजुर्गों की सेवा करने से घर, परिवार में सदैव सुख-शांति बनी रहती है। ऐसे में समाज के अन्दर उन्नति का वातावरण तैयार होता है।कस्बे के वन बिहारी खोडकी मंदिर पर श्रीमद भागवत के चौथे दिवस कथावाचक प सुरेश शास्त्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि समाज में सुख व शांति का वातावरण तैयार करने के लिए माता, पिता, भाई, बहिन व प|ी का सम्मान जरूरी है। हमें बेटी को बेटे समान प्यार देने से उसके अन्दर आत्म विश्वास की भावना जाग्रत होगी। तभी सामाजिक विकास की सार्थकता संभव है। भागवत कथा में वाचक सुरेश शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग की संगीतमय व्याख्या करते हुए कहा कि द्वापर युग में पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार बढऩे पर पृथ्वी गाय का रूप धारण कर ब्रह्मा जी के पास गई। पृथ्वी पर पाप कर्म के बढऩे पर देवता भी चिंतित हुए। तब ब्रह्मा जी सभी देवताओं व पृथ्वी को साथ लेकर भगवान विष्णु के पास क्षीर सागर गए। सभी देवताओं को देखकर आने का कारण पूछने पर पृथ्वी बोली-भगवन मैं पाप के बोझ से दबी जा रही हूँ। मेरा उद्धार किजिए। यह सुनकर भगवान विष्णु उन्हें आश्वस्त करते हुए बोले चिंता न करें, मैं नर-अवतार लेकर पृथ्वी पर आऊंगा और राक्षसों के पापों से मुक्ति प्रदान करूंगा। मेरे अवतार लेने से पहले कश्यप मुनि मथुरा के यदु कुल में जन्म लेकर वसुदेव नाम से प्रसिद्ध होंगे। मैं ब्रज मण्डल में वासुदेव की प|ी देवकी के गर्भ से कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और उनकी दूसरी प|ी के गर्भ से शेषनाग के अवतार बलराम जन्म लेंगे । तुम सब देवतागण ब्रज भूमि में जाकर यादव वंश में अपना शरीर धारण करो। कुरुक्षेत्र के मैदान में पापी क्षत्रियों का संहार कर पृथ्वी को पापों से भारमुक्त करूंगा। इतना कहकर श्रीहरि विष्णु अन्तर्ध्यान हो गए। भाद्र पद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। इस मौके पर श्रीकृष्ण जन्म के बाल रूप की झांकी सजाई गई। समापन ठाकुर जी की आरती व प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर रामगोपाल दास, पूर्व पार्षद चंद्रप्रकाश तिवाडी, सतीश मित्तल, जगदीश मित्तल, बृजभूषण सौभरी, मनीराम सौभरी, हीरालाल शर्मा, देवनारायण भगत, सुगन चन्द आदि मौजूद थे।

नगर. श्रीमद भागवत में उपस्थित श्रद्धालू

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