धरा एप में नजर आएगी डीग तहसील, किसानों को जमीनी दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने होंगे तहसील के चक्कर

Bharatpur News - जमाबंदी ही ऑनलाइन लेने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। डीग तहसील के 26 नवम्बर को ऑनलाइन होने से क्षेत्र के 142...

Dec 04, 2019, 09:10 AM IST
Deeg News - rajasthan news deeg tehsil will be seen in the dhara app farmers will not have to apply for ground documents
जमाबंदी ही ऑनलाइन लेने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। डीग तहसील के 26 नवम्बर को ऑनलाइन होने से क्षेत्र के 142 गांवों के किसानों को नक्शा, तरमीम, जमांबदी, परिवाद नकल के साथ भूमि संबंधी दस्तावेज लेने के लिए अब तहसील एंव पटवारियों के चक्कर नही काटने पडेंगे। तहसील के ऑनलाइन होने से खसरा नंबर से खतौनी (जमांबंदी) के साथ अन्य जमीनी दस्तावेजों को तत्काल उपलब्ध करा दिया जाएगा। डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड माॅडर्नाइजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) में ये कार्य जिले में पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 2015 से चल रहा है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत जमीनों के नक्शों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व रिकार्ड को ऑनलाइन कर रही है, ताकि समय-समय पर होने वाले बदलाव को तुरंत अपडेट किया जा सके। ई-धरती सॉफ्टवेयर बनाकर सभी डाटा को एक निजी कंपनी के माध्यम से ई-धरती एवं भू-नक्शा सॉफ्टवेयर में संचित किया जा रहा है। इससे जिले के लाखों किसानों के साथ आमजन को राहत मिल सकेगी।

तहसील के ऑनलाइन होने से किसान अब देश में कही भी रहकर अपनी खातेदारी भूमि की सिग्रिगेट, जमाबंदी, नक्शा व गिरदावरी को ई-मित्र या एपधरा के माध्यम से ले सकते हैं। डीग तहसील में दर्ज 142 राजस्व गांवों का डाटा ऑनलाइन होने के बाद सभी नामांतकरण भी ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे। किसान का खाता आधार से लिंक होने के बाद किसान को अब घर बैठे ही नामांतरण दर्ज कराने की सुविधा मिल सकेगी।

डीग. तहसील में ऑनलाइन सिस्टम पर काम करते कर्मचारी।

भास्कर संवाददाता|डीग

जमाबंदी ही ऑनलाइन लेने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। डीग तहसील के 26 नवम्बर को ऑनलाइन होने से क्षेत्र के 142 गांवों के किसानों को नक्शा, तरमीम, जमांबदी, परिवाद नकल के साथ भूमि संबंधी दस्तावेज लेने के लिए अब तहसील एंव पटवारियों के चक्कर नही काटने पडेंगे। तहसील के ऑनलाइन होने से खसरा नंबर से खतौनी (जमांबंदी) के साथ अन्य जमीनी दस्तावेजों को तत्काल उपलब्ध करा दिया जाएगा। डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड माॅडर्नाइजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) में ये कार्य जिले में पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 2015 से चल रहा है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत जमीनों के नक्शों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सरकार ज्यादा से ज्यादा राजस्व रिकार्ड को ऑनलाइन कर रही है, ताकि समय-समय पर होने वाले बदलाव को तुरंत अपडेट किया जा सके। ई-धरती सॉफ्टवेयर बनाकर सभी डाटा को एक निजी कंपनी के माध्यम से ई-धरती एवं भू-नक्शा सॉफ्टवेयर में संचित किया जा रहा है। इससे जिले के लाखों किसानों के साथ आमजन को राहत मिल सकेगी।

तहसील के ऑनलाइन होने से किसान अब देश में कही भी रहकर अपनी खातेदारी भूमि की सिग्रिगेट, जमाबंदी, नक्शा व गिरदावरी को ई-मित्र या एपधरा के माध्यम से ले सकते हैं। डीग तहसील में दर्ज 142 राजस्व गांवों का डाटा ऑनलाइन होने के बाद सभी नामांतकरण भी ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे। किसान का खाता आधार से लिंक होने के बाद किसान को अब घर बैठे ही नामांतरण दर्ज कराने की सुविधा मिल सकेगी।

अाॅन लाइन करने में लगा 10 माह का समय

आॅनलाइन के लिए तहसील कर्मचारी 10 माह से इसे मूर्तरूप देने में लगे थे। जमाबंदी नक्शों को वन-टू-वन कर 142 गांवों की जमाबंदी बनाई। जांच करवाकर अंतिम प्रमाण-पत्र लगाया गया। 142 गांव के नक्शे अंकित खसरा नंबर को जमाबंदी में अंकित खसरा नंबर के समान किया गया। डाटा के ऑनलाइन करने के साथ ही अब सभी नामांतरण ऑनलाइन कम्प्यूटर पर दर्ज होंगे। किसान को जमाबंदी नकल कही से भी प्राप्त करने की सुविधा होगी। जमाबंदी के साथ नक्शे की प्रति भी ऑनलाइन मिल सकेगी। नवीन जमाबंदी में किसान के खाते में अपना हिस्सा एवं रकबा अंकित होगा। नामांतरण दर्ज होते ही नया खाता जमाबंदी में बन जाएगा। डिजिटलाइजेशन से नक्शे को कही से भी देखा और हासिल किया जा सकेगा। एप को लैंड रिकार्ड के डाटा से जोडा जाएगा। इससे भूमि विवाद घटेंगे।


X
Deeg News - rajasthan news deeg tehsil will be seen in the dhara app farmers will not have to apply for ground documents
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना