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डीग के रुंध खोह पहाड़ पर ड्रोन की मदद से पकड़ी फैक्ट्री, जखीरे समेत 4 बदमाश पकड़े, सरगना भागा

एक वर्ष पहले
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भरतपुर जिले में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार न केवल बन रहे हैं, बल्कि दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में सप्लाई भी हो रहे हैं। ऑनलाइन ठगी, नकली मावा, सिंथेटिक दूध, गोकशी और गो तस्करी के लिए बदनाम मेवात अब अवैध हथियार बनाने के गढ़ के रूप में भी उभर रहा है। अब पुलिस ने डीग सर्किल के खोह थानान्तर्गत रूंध पहाड़ों पर चल रही अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। इस फैक्ट्री को पकड़ने के लिए पुलिस को ड्रोन की मदद लेनी पड़ी। मौके से पुलिस ने हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद करने के साथ ही 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 सगे भाई हैं। जबकि इनका सरगना फरार हो गया। एसओजी की एक टीम भी शुक्रवार को भरतपुर जांच करने आएगी।

पुलिस अधीक्षक हैदर अली ने यहां मीडिया को बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रूंध खोह के पहाड़ों में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। इन पहाड़ों में पैदल सर्च करके फैक्ट्री और बदमाशों को पकड़ना बहुत मुश्किल था। इसलिए पहले ड्रोन के जरिए रैकी की गई। फैक्ट्री की पुख्ता लोकेशन मिलने के बाद डीग सीईओ मदनलाल के नेतृत्व में डीग, खोह और कैथवाड़ा थानों की 4 पुलिस टीमें बनाई गईं। गुरुवार सुबह बदमाशों की घेराबंदी की गई तो धाक के पेड़ों के ऊपर त्रिपाल बांधकर 4-5 युवक अवैध हथियार बना रहे थे। उनके पास बड़ी मात्रा में तैयार हथियार भी थे। पुलिस को देख इन युवकों ने भागने की कोशिश की। लेकिन, उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया। फिर भी इनका सरगना सुबदीन पुत्र चाहत मेव पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। पकड़े गए बदमाशों में खोह निवासी जररू पुत्र छोटे खां, शकील पुत्र छोटे खां, शौकत पुत्र छोटे खां और मौसम पुत्र जुम्मा मेव है। जांच से पता चला है कि इनके अवैध हथियारों की सप्लाई राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों में है। ये बदमाश आमतौर पर 3-4 दिन में एक हथियार तैयार कर लेते हैं। इसके बाद वे 315 बोर कट्टा 4 से 5 हजार, पचफैडा 30 हजार रुपए और 12 बोर बन्दूक को 12 से 13 हजार रुपए में बेचते थे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले अवैध हथियार बनाने के लिए वैर-भुसावर क्षेत्र की रणधीरगढ़ और बयाना के गढ़ी बाजना आदि इलाकों में ही अवैध हथियार बनाने के मामले पकड़े जाते रहे हैं।

ऑन डिमाण्ड अवैध हथियार बनाकर करते थे सप्लाई

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस को चकमा देकर भागे आरोपी सुबदीन और पकड़े गए आरोपी जुररू की ससुराल यूपी में बरसाना तहसील के गांव हाथिया में है। इन्होंने इसी गांव में अवैध हथियार बनाने की ट्रेनिंग ली है। जांच में ऐसा भी सामने आया है कि कभी-कभी हाथिया के बदमाश भी यहां मेवात क्षेत्र में आकर हथियार बनाने में यहां के बदमाशों की मदद करते रहते हैं। पकड़े गए आरोपी रूंध खोह के पहाड़ में हथियार बनाते और तैयार हथियारों को अपने घर में लाकर ऐसे स्थान पर छुपाते थे जहां या तो महिलाएं सोती हैं या फिर बच्चे। खरीददार की डिमांड पर ये 4-5 दिन में एक हथियार तैयार कर उसे बेचते थे।

पुलिस ने बीते साल यानि वर्ष 2019 में 163 लोगों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 360 हथियार और कारतूस बरामद किए थे। इनके कब्जे से 6 बंदूक, 101 कट्टे, 200 कारतूस और 54 धारदार हथियार बरामद किए गए थे। इतना ही नहीं पुलिस ने जिले में अवैध हथियार बनाने के दो कारखाने भी पकड़े। इनमें गांव खैरवा और ईखनका के बीच खेतों में चल रहे कारखाने से पहाड़ी पुलिस ने 315 बोर का एक कट्‌टा, 5 कारतूस, 3 ट्रैगर, 4 शिकंजा लोहा, 2 पंखा, 1 छेद करने की मशीन सहित बड़ी संख्या में अर्द्ध निर्मित अवैध हथियार और अन्य औजार जब्त किए। दूसरी बड़ी कार्यवाही मेवात क्षेत्र में ही जुरहरा पुलिस ने नौगांवा के एक मकान में दबिश देकर हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। वहां से एक मशीन, 12 बोर लोंग बैरल बंदकू, 26 कारतूस के अलावा भारी मात्रा में अर्द्ध निर्मित हथियार और हथियार बनाने के काम में आने वाले कई किस्म के औजार जब्त किए। पुलिस इनके बड़े तस्करों से कनेक्शन की तलाश में जुटी है।

जांच में बदमाशों के पास यह मिला हथियारों का जखीरा

1 पचफैड़ा 315 बोर, 3 पौना 315 बोर, 7 बन्दूक 12 बोर, 1 कट्टा 315 बोर, 2 कट्टा 12 बोर, 1 अर्द्ध निर्मित 12 बोर बन्दूक, 10 जिंदा कारतूस 12 बोर, 2 खाली कारतूस 12 बोर, 5 जिंदा कारतूस 315 बोर, 7 खाली कारतूस 315 बोर के साथ हथियार बनाने के उपकरण जिनमें 57 बैरल बनाने के पाइप, 4 आरी, 83 आरी पत्ता, 2 शिकंजा, 1 आयरन मशीन, 4 हथौडा, 3 छेद करने की हस्तचालित मशीन, 1 ग्रांइडर, 9 लोहे की रोड, 27 रेती, 9 लोहे की प्लेट, 44 स्प्रिंग, 12 लोहे की कील, 220 स्क्रू, 4 लकडी के बट, 2 संडासी, 2 प्लास, 2 तेल डिब्बी, 2 लोहे की गाटर, 5 पाने, 26 चाबी, 8 पेचकस, 287 बट पेच आदि सामान मिला।

उन्नत किस्म के हथियार बनाने में हैं माहिर

एसपी हैदर अली के मुताबिक अब तक की जांच से पता चला है कि इन बदमाशों ने मथुरा जिले के हाथिया गांव में हथियार बनाने की ट्रेनिंग ली थी। इसके लिए वे सारा सामान दिल्ली के मंगोलपुरी से खरीदकर लाते थे। ये लोग इतने निपुण हैं कि पचफेरा और देशी कट्टे बहुत ही उन्नत किस्म के बनाते हैं। कुछ में तो साइलेंसर भी लगे मिले हैं ताकि गोली चलने पर ज्यादा आवाज न हो। आशंका यह है कि इन बदमाशों का हथियारों के बड़े तस्करों से कनेक्शन हो सकता है। इसलिए सभी एंगल से तलाश की जा रही है। इन तस्करों से बरामद किए गए हथियार आधुनिक किस्म के हैं जिससे ऐसा लगता है कि ये इनकी सप्लाई अन्य प्रदेशों में भी करते होंगे।

एक महीने में चौथी फैक्ट्री पकड़ी, मध्यप्रदेश, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बेचते थे अवैध हथियार, अब बड़े तस्करों से कनेक्शन की तलाश में जुटी पुलिस

बरसाना के हाथिया में ली ट्रेनिंग, दिल्ली के मंगोलपुरी से सामान लाकर यहां बनाते थे अच्छी किस्म के अवैध हथियार

डीग. पुलिस गिरफ्त में हथियार बनाने की फैक्ट्री चलाने के आरोपी
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