भिवाड़ी में 10 दिन से बंद उद्योग, आठ हजार कामगार बेराेजगार

Bharatpur News - भिवाड़ी (अलवर) | दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के बाद भिवाड़ी के 335 उद्याेग पिछले 10 दिन से बंद पड़े हैं। इससे इन उद्योगों में काम...

Nov 11, 2019, 07:15 AM IST
भिवाड़ी (अलवर) | दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के बाद भिवाड़ी के 335 उद्याेग पिछले 10 दिन से बंद पड़े हैं। इससे इन उद्योगों में काम करने वाले 8000 लोग बेरोजगार हैं। वहीं इन कंपनियों को भी प्रतिदिन करीब दो करोड़ रुपए का सीधा नुकसान हो रहा है। जिम्मेदार अभी उद्योगों के खुलने का समय नहीं बता पा रहे हैं। जिससे इन कामगारों के सामने गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।

भिवाड़ी के उद्योगों में राजस्थान सहित दिल्ली, यूपी, बिहार एवं बंगाल के मजदूर बड़ी संख्या में काम करते हैं। ये मजदूर लंबे समय से भिवाड़ी में रहने के बाद अपने परिवार को भी ले आए। पिछले दिनों दिवाली के बाद दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के चलते पर्यावरण प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रक प्राधिकरण (इप्का) ने अलवर और भरतपुर के सभी स्टोन क्रेशरों व हॉट मिक्स प्लांटों के अलावा भिवाड़ी में कोयला व बॉयलर से चलने वाले 335 उद्योगों को एक से पांच नवंबर तक बंद रखने के आदेश दे दिए। फिर यह सीमा आठ और इसके बाद इसे 11 नवंबर तक बढ़ा दी। नियमानुसार यह उद्योग से शुरू होने चाहिएं। लेकिन ईपीसीए की ओर से इस संबंध में कोई सूचना नहीं आने से अभी तक उद्योगों के खुलने की संभावना नहीं बन पाई है। इसका सीधा खामियाजा उद्यमियों एवं मजदूरों को उठाना पड़ रहा है।

20 लाख का खर्चा, इसलिए घबरा रहे उद्यमी

भिवाड़ी में प्रदूषण की समस्या पुरानी है। पिछले दिनों इप्का ने भिवाड़ी में उद्योगों को गैस पर आने के आदेश दे दिए। कोयला और बॉयलर का उपयोग तो हर हाल में बंद करने के लिए कहा। भिवाड़ी में कोयला और बॉयलर से चलने वाली 335 इकाइयां हैं। इनमें करीब 8000 लोग काम करते हैं। गैस पर जाने में एक उद्योग को 20 से 25 लाख रुपए का खर्चा उठाना पड़ता है। इसके बाद बॉयलर से गैस जाने पर जाने में करीब चार से पांच माह का समय भी लग जाता है। वहीं भिवाड़ी में अभी चौपानकी सहित अन्य जगह पर गैस की आपूर्ति भी नहीं है।

एक्यूआई सामान्य भी उद्योगों पर मार

भिवाड़ी में वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को 235 था। यह औद्योगिक क्षेत्र के लिए सामान्य है। बावजूद इसके दिल्ली में बिगड़ती हवा का दोष भिवाड़ी पर मंढा जा रहा है। जिसके चलते यहां के उद्योग बंद हैं। भिवाड़ी की बीएमए, बीसीसीआई एवं लघु उद्योग भारती जैसी संस्थाएं इसके लिए कई बार सीपीसीबी का दरवाजा खटखटा चुकी हैं। लेकिन बावजूद इसके कोई समाधान नहीं हाे सका है। इप्का की सख्ती के बाद राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरपीसीबी) भी सचेत हो गया है। आरपीसीबी ने अपनी चार सदस्यीय टीम बनाई है। यह टीम दिन और रात की शिफ्ट में कंपनियों में पहुंचकर वहां वायु और पानी की जांच करती हैं। भिवाड़ी में पिछले दिनों में करीब 80 कंपनियों को इस संबंध में नोटिस जारी हो चुके हैं।

उद्योगों को शुरू करने का कोई आदेश नहीं


-विजय सिंघल, चीफ इंजीनियर, आरपीसीबी

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