शहादत से बड़ी मां की कोई पूजा नहीं हाेती, अहिंसा से किसी भी देश की रक्षा नहीं होती...

Bharatpur News - पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सोमवार रात्रि यूआईटी ऑडिटोरियम में एक शाम शहीद पुलिस कर्मियों के नाम कवि सम्मेलन का...

Oct 22, 2019, 07:36 AM IST
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सोमवार रात्रि यूआईटी ऑडिटोरियम में एक शाम शहीद पुलिस कर्मियों के नाम कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर जोगाराम रहे, जबकि अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश शुभा मेहता ने की। इस मौके पर मेयर शिव सिंह भौंट, डीआईजी लक्ष्मण गौड़ एवं एसपी हैदर अली जैदी और लुपिन के अधिशाषी निदेशक सीताराम गुप्ता विशिष्ट अतिथि रहे। कवि सम्मेलन का शुभारंभ दिल्ली की कवयित्री पूनम वर्मा ने मां शारदे की वंदना से किया। इस मौके पर उन्होंने अपनी रचना- मैं पूनम हूं, मुझे सागर भी प्यार करते हैं,जान मुझ पर निसार बार-बार करते हैं- सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। एक अन्य रचना- मैं बांसुरी हूं प्रेम का संदेश लाई हूं, फरेबों की चादर मैं कभी बुन न पाई हूं- सुनाकर वाहवाही लूटी। सम्मेलन का संचालन करते हुए अलवर से आए कवि विनीत चौहान ने अपनी रचना- शहादत से बड़ी मां की कोई पूजा नहीं होती, अहिंसा से किसी भी देश की रक्षा नहीं होती- रचना सुनाकर पुलिस के शहीद जवानाें को काव्यांजलि दी।

इस मौके पर फरीदाबाद के कवि कमांडो सामोद सिंह ने अपनी वीर रस की रचना- सैनिक हूं मैं शरहद-शरहद भाग रहा हूं, देश के लोगो तुम सो जाओ में जाग रहा हूं- सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। कवि सम्मेलन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली से आए कवि सुनहरी लाल तुरंत ने अपनी रचना- कुर्बानी से कतराने वाले कभी शहीद नहीं होते, गैरों की बातें दूर उनकी मय्यत पर खुद के बच्चे भी नहीं राेते- रचना सुनाकर श्रोताओं में मौजूद पुलिस कर्मियों में देश प्रेम और शहादत के लिए जोश भर दिया।

सम्मेलन के दौरान यूआईटी ऑडिटोरियम तालियों की गडगडाहट से गुंजायमान रहा। इस मौके पर एडिशनल एसपी मुख्यालय डॉ. मूल सिंह राणा, एडिशनल एसपी एडीएफ सुरेश कुमार खींची, सीओ सिटी हवा सिंह रायपुरिया, सीआई राजेंद्र शर्मा, सीआई संजय शर्मा, एसआई श्रृद्धा पचौरी आदि मौजूद थे।

भरतपुर। एक शाम शहीदों के नाम कवि सम्मेलन में कविता पढ़ते कवि।

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